अनधिकृत लोन ऐप्स पर सरकार का कड़ा प्रहार; RBI ने शुरू की नई डायरेक्टरी, कार्रवाई अब और सख्त
सरकार और RBI ने अनधिकृत डिजिटल लोन ऐप्स के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए DLA डायरेक्टरी लॉन्च की है, जो केवल वैध ऐप्स की सूची प्रदान करती है। IT Act की धारा 69A के तहत फर्जी ऐप्स को ब्लॉक किया जा सकता है। डिजिटल लेंडिंग डायरेक्शंस 2025 और साइबरक्राइम प्लेटफॉर्म्स के सहयोग से सरकार डिजिटल धोखाधड़ी पर तेज़ी से कार्रवाई कर रही है।

Digital Lending Directions 2025
Digital Lending Directions 2025 : देश में तेजी से फैलते डिजिटल धोखाधड़ी नेटवर्क पर अब सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि अनधिकृत डिजिटल लोन ऐप्स के जरिए नागरिकों के शोषण को रोकने के लिए सरकार कई स्तरों पर त्वरित और सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र लगातार RBI और अन्य नियामक एजेंसियों के साथ समन्वय कर ऐसे ऐप्स की गतिविधियों को नियंत्रित करने और उन्हें पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है।
RBI ने अपनी वेबसाइट पर ‘डिजिटल लेंडिंग ऐप्स (DLA) डायरेक्टरी’ लॉन्च की है, जिसमें केवल उन्हीं ऐप्स को शामिल किया गया है जो RBI द्वारा विनियमित संस्थाओं से संबद्ध हैं। यह डायरेक्टरी उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो कई बार आकर्षक विज्ञापनों और तेज़ लोन के प्रलोभन में फर्जी ऐप्स के जाल में फंस जाते हैं। इस सूची की मदद से कोई भी नागरिक किसी ऐप की वैधता की तुरंत जांच कर सकता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई ऐप बिना अनुमति के लोन गतिविधि चला रही पाई जाती है तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) उसे तत्काल ब्लॉक करने का आदेश दे सकता है। इसके साथ ही RBI ने डिजिटल लेंडिंग डायरेक्शंस 2025 भी जारी किए हैं, जिनमें रिकवरी प्रक्रिया, डेटा गोपनीयता, ग्राहक शिकायत निवारण, तथा ऐप्स और लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए कड़े नियम अनिवार्य किए गए हैं। इसका लक्ष्य उपभोक्ताओं को पारदर्शिता, सुरक्षा और नियंत्रण का बेहतर ढांचा प्रदान करना है।
सरकार इंटरनेट कंपनियों और प्रमुख मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर भी अनधिकृत लोन ऐप्स के नेटवर्क की निगरानी कर रही है। गृह मंत्रालय के I4C प्लेटफॉर्म द्वारा ऐसे ऐप्स का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है ताकि धोखाधड़ी के स्रोत और पैटर्न की पहचान कर समय रहते कार्रवाई की जा सके। नागरिकों के लिए भी शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया सरल बनाई गई है—वे राष्ट्रीय साइबरक्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1930 या ‘SACHET’ पोर्टल के माध्यम से धोखाधड़ी और अवैध वसूली की शिकायत कर सकते हैं।
सरकार और RBI की यह संयुक्त कार्रवाई उस डिजिटल खतरे पर निर्णायक प्रहार मानी जा रही है, जिसने हाल के वर्षों में लाखों लोगों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाया है। सख्त कानून, नई डायरेक्टरी और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के साथ सरकार यह संदेश साफ कर रही है कि अनधिकृत लोन ऐप्स के लिए अब कोई जगह नहीं बचेगी।
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Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
