PIB Fact Check on E20 fuel insurance policy : देश के ऑटोमोबाइल और डिजिटल गलियारे में पिछले कुछ दिनों से तैर रही एक बेहद सनसनीखेज अफवाह पर केंद्र सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे उन भ्रामक दावों को सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें यह सनसनी फैलाई जा रही थी कि वाहनों में E20 ईंधन (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) का उपयोग करने से गाड़ी का इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है। इस डिजिटल दुष्प्रचार के कारण देश के लाखों वाहन मालिकों के बीच असमंजस और डर का माहौल बन गया था, जिसे दूर करने के लिए पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट को खुद मैदान में उतरना पड़ा। पीआईबी ने इस पूरे नैरेटिव को पूरी तरह मनगढ़ंत और आधारहीन करार दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ चुनिंदा पोस्ट्स से हुई, जिनमें दावा किया जा रहा था कि E20 ईंधन का इस्तेमाल करने वाले वाहनों को बीमा कंपनियां कवरेज देने से मना कर रही हैं और दुर्घटना की स्थिति में क्लेम अटक सकता है। इस भ्रामक खबर पर लगाम लगाने के लिए पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। सरकार ने तकनीकी और कानूनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि E20 ईंधन का उपयोग करने वाले सभी वाहनों की मोटर बीमा पॉलिसियां कानूनन शत-प्रतिशत वैध हैं। कंपनियों द्वारा बीमा दावों के निपटारे की प्रक्रिया पर इस ईंधन के इस्तेमाल से रत्ती भर भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है, इसलिए देश की आम जनता को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं को रेखांकित करते हुए फैक्ट चेक यूनिट ने देश के नागरिकों से एक बेहद महत्वपूर्ण अपील भी की है। सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया की किसी भी भ्रामक सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा करने या उसे आगे शेयर करने से पहले उपभोक्ताओं को हमेशा आधिकारिक और प्रमाणित स्रोतों से उसकी सत्यता की जांच जरूर करनी चाहिए। इसके साथ ही, सरकार ने भ्रामक और झूठी सूचनाओं के इस खतरनाक नेटवर्क को ध्वस्त करने में नागरिकों से सहयोग मांगा है और संदिग्ध डिजिटल सामग्री की तुरंत रिपोर्ट करने की हिदायत दी है।

इस विवाद के बीच केपीएमजी (KPMG) इंडिया की एक हालिया और बेहद महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी सामने आई है, जो भारत के एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की बड़ी सफलता की गवाही देती है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोजेक्ट देश के इतिहास में सबसे सफल ऊर्जा अभियानों में से एक रहा है और E20 ईंधन अब देश के कोने-कोने में सुगमता से उपलब्ध कराया जा चुका है। हालांकि, केपीएमजी ने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की भावी संभावनाओं के साथ-साथ कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की कार्यकुशलता, बुनियादी ढांचे की मुस्तैदी और विभिन्न मंत्रालयों के बीच नीतिगत तालमेल जैसी कुछ बड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार लंबे समय से देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, कच्चे तेल के आयात पर भारी-भरकम निर्भरता को कम करने और पर्यावरण को कार्बन उत्सर्जन से बचाने के लिए एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को मिशन मोड में बढ़ावा दे रही है। इस हरित क्रांति को और आगे बढ़ाते हुए विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के ऐतिहासिक मौके पर सरकार ने देश में अधिक शक्तिशाली 'E85 ईंधन' को भी आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। इंडियन ऑयल के एक चुनिंदा रिटेल आउटलेट से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट एक बड़े देशव्यापी विस्तार का पहला चरण है। वर्तमान में यह E85 ईंधन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के 48 पेट्रोल पंपों पर मिलना शुरू हो चुका है, जिसे सरकार दिसंबर 2026 तक 500 आउटलेट्स और दिसंबर 2027 तक लगभग 5,000 पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने की बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। सरकार की इस त्वरित सफाई ने न केवल अफवाहों पर ताला लगा दिया है, बल्कि भारत के भविष्य के ग्रीन-फ्यूल अभियान को एक नई वैधानिक मजबूती भी दे दी है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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