BJP leader Gourav Vallabh reaction : भारतीय राजनीति के पटल पर आर्थिक और रणनीतिक विमर्श को नई धार देते हुए भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने देश की वित्तीय सेहत और राजनीतिक शुचिता को लेकर कई महत्वपूर्ण बयान जारी किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कक्षाओं और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की हालिया अपील का समर्थन करते हुए गौरव वल्लभ ने एक चौंकाने वाला गणित पेश किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत प्रतिवर्ष अपनी ऊर्जा और विलासिता की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी मुद्रा का एक बड़ा हिस्सा खर्च करता है। उनके अनुसार, भारत हर साल लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल और करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये का सोना आयात करता है, जिससे कुल खर्च 18.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। वल्लभ ने जोर देकर कहा कि यदि देशवासी अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव कर इन दोनों मदों में महज 10 प्रतिशत की भी कटौती कर लें, तो देश हर साल लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा बचा सकता है। यह बयान न केवल व्यक्तिगत बचत बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक 'मास्टर स्ट्रोक' की तरह देखा जा रहा है।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट करते हुए गौरव वल्लभ ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईडी द्वारा गिरफ्तारी और नगर निगम भर्ती घोटाले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासनकाल को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का दौर बताते हुए कहा कि अब दोषियों के बचने का समय समाप्त हो चुका है। उन्होंने बंगाल के वर्तमान हालात पर प्रहार करते हुए कहा कि घुसपैठियों को संरक्षण देने वाला मॉडल अब पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और उसकी जगह अब जनता के लिए समर्पित विकास का 'बंगाल मॉडल' लागू किया जाएगा। कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई को उन्होंने न्याय की दिशा में एक अनिवार्य कदम बताया।

सियासी मोर्चे पर,असम में भाजपा की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व को उन्होंने पार्टी की 'सबका साथ, सबका विकास' नीति की जीत बताया। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि असम में हर चुनाव के साथ भाजपा के विधायकों की संख्या और जनाधार में निरंतर वृद्धि हुई है। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी खेमे पर निशाना साधते हुए उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की मानसिकता की कड़ी आलोचना की। गौरव वल्लभ ने स्पष्ट संदेश दिया कि 'वंदे मातरम', 'भारत माता की जय' और 'जन-गण-मन' देश की एकता के प्रतीक हैं और इन्हें लेकर की जाने वाली कोई भी आपत्ति देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने राष्ट्रवाद को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि राष्ट्रभावना के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को विकास और एकता के मॉडल से जवाब दिया जाएगा। यह पूरा घटनाक्रम आने वाले समय में देश की आर्थिक और राजनीतिक दिशा तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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