Google Pay पॉकेट मनी फीचर हुआ लॉन्च; जाने बच्चे कैसे कर सकते हैं बिना बैंक खाते के UPI भुगतान?
Google Pay का नया 'पॉकेट मनी' फीचर: अब बिना बैंक खाते के भी बच्चे कर सकेंगे UPI भुगतान। माता-पिता ₹15,000 तक की लिमिट और फुल कंट्रोल के साथ सेट करें डिजिटल भत्ता।

डिजिटल भुगतान ऐप पर पॉकेट मनी और वित्तीय प्रबंधन को दर्शाती एक सांकेतिक तस्वीर।
What is Google Pay Pocket Money feature : भारतीय डिजिटल भुगतान परिदृश्य में एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए, दिग्गज टेक कंपनी Google Pay ने अपना नया और बहुप्रतीक्षित फीचर 'पॉकेट मनी' लॉन्च कर दिया है। यूपीआई सर्कल (UPI Circle) फ्रेमवर्क पर आधारित यह अनूठी सुविधा परिवारों के बीच डिजिटल लेनदेन के पारंपरिक तरीकों को बदलने के लिए तैयार है। यह विशेष रूप से उन बच्चों और आश्रितों के लिए डिजाइन किया गया है, जिनका अपना कोई स्वतंत्र बैंक खाता नहीं है, लेकिन वे आधुनिक दुनिया की डिजिटल जरूरतों से कटे नहीं रहना चाहते। अब माता-पिता बिना नया बैंक खाता खुलवाए, अपने ही खाते से अपने बच्चों को सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतान की शक्ति प्रदान कर सकेंगे।
इस प्रणाली की कार्यप्रणाली को बेहद सरल और सुरक्षित बनाया गया है, जहाँ एक 'प्राथमिक उपयोगकर्ता' (अभिभावक) अपने खाते से अधिकतम पांच 'द्वितीयक उपयोगकर्ताओं' को जोड़ सकता है। सेटअप प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए उपयोगकर्ताओं को केवल Google Pay ऐप के भीतर अपनी प्रोफाइल में जाकर 'UPI सर्कल' विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद, विश्वसनीय व्यक्तियों को जोड़कर उनके लिए खर्च की सीमाएं निर्धारित की जा सकती हैं। यह फीचर न केवल भुगतान की सुविधा देता है, बल्कि युवाओं में कम उम्र से ही नियंत्रित वित्तीय आदतें विकसित करने के लिए एक शैक्षिक उपकरण के रूप में भी कार्य करता है।
सुरक्षा और नियंत्रण के मोर्चे पर, 'पॉकेट मनी' फीचर अभिभावकों को दो विशिष्ट मोड चुनने की स्वतंत्रता देता है। पहले विकल्प के तहत, माता-पिता ₹15,000 तक की मासिक खर्च सीमा निर्धारित कर सकते हैं, जिसके भीतर बच्चा स्वतंत्र रूप से भुगतान कर सकता है। यह विकल्प उन किशोरों के लिए आदर्श है जिन्हें एक निश्चित डिजिटल भत्ते की आवश्यकता होती है। दूसरा विकल्प अधिक सुरक्षात्मक है, जिसमें हर एक लेनदेन के लिए प्राथमिक उपयोगकर्ता की स्वीकृति अनिवार्य होती है। इसमें जब भी कोई बच्चा भुगतान शुरू करेगा, अभिभावक को एक अनुरोध प्राप्त होगा, जिसकी समीक्षा के बाद ही भुगतान पूरा हो सकेगा। यह दोहरी परत विशेष रूप से छोटे बच्चों की निगरानी के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
नियामक और कानूनी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए, गूगल पे ने इस फीचर में केवाईसी (KYC) सत्यापन को अनिवार्य बनाया है। सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ते हुए, अभिभावकों को द्वितीयक उपयोगकर्ता के साथ अपने संबंध की पुष्टि करनी होगी और सरकारी नियमों के अनुसार मान्य पहचान पत्र प्रदान करने होंगे। यह सुनिश्चित करता है कि सिस्टम का दुरुपयोग न हो और सभी लेनदेन पूरी तरह से सत्यापित और सुरक्षित रहें। साथ ही, प्राथमिक उपयोगकर्ता के पास किसी भी समय किसी भी द्वितीयक उपयोगकर्ता को हटाने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहता है।
गूगल पे का यह कदम केवल एक तकनीकी अपडेट नहीं है, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की शुरुआत है जहाँ बैंकिंग की जटिलताओं को सरल बनाकर हर पीढ़ी को डिजिटल इंडिया का हिस्सा बनाया जा रहा है। यह सुविधा न केवल छात्रों और आश्रितों को डिजिटल सशक्तिकरण प्रदान करेगी, बल्कि अभिभावकों को भी एक चिंतामुक्त समाधान देगी कि उनका पैसा कब, कहाँ और कैसे खर्च हो रहा है। अंततः, 'पॉकेट मनी' फीचर वित्तीय स्वतंत्रता और जिम्मेदारी भरे पर्यवेक्षण के बीच एक सटीक संतुलन स्थापित करने में सफल सिद्ध होगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
