सोने की कीमतों में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। 29 जनवरी 2026 को ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम का ऑल-टाइम हाई छूने के बाद अब सोना तेजी से नीचे आया है। इस गिरावट ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यह सिर्फ “प्रॉफिट बुकिंग” है या बाजार में बड़ी गिरावट की शुरुआत। सर्राफा बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज में लगातार कमजोरी दर्ज की जा रही है।

कितनी आई गिरावट?

29 जनवरी 2026 को सोने ने ₹1.93 लाख का रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन उसके बाद से कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली। कुछ ही दिनों में हजारों रुपये की कमी दर्ज की गई। यह हाल के वर्षों की सबसे तेज गिरावट मानी जा रही है। निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंता और अवसर दोनों लेकर आई है।


आज के ताजा गोल्ड रेट (Latest Gold Rate Today)

ऑल-टाइम हाई के बाद सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई है।

  • 24 कैरेट सोने का भाव अब ₹1.93 लाख से नीचे फिसल चुका है और बाजार में कमजोरी का रुख बना हुआ है।
  • 22 कैरेट सोने में भी गिरावट देखी गई है, जिससे आभूषण खरीदने वालों को कुछ राहत मिली है।

आज के सर्राफा बाजार के अनुसार अनुमानित रेट इस प्रकार हैं (प्रति 10 ग्राम):

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,58,000 – ₹1,62,000 के बीच
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,45,000 – ₹1,49,000 के बीच
  • 18 कैरेट सोना: ₹1,18,000 – ₹1,22,000 के बीच

(नोट: अलग-अलग शहरों और टैक्स के अनुसार कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।)

ऑल-टाइम हाई से तुलना करें तो कीमतों में करीब ₹30,000 से ₹35,000 तक की गिरावट देखी जा रही है।

क्यों गिरा सोना?

विशेषज्ञों के अनुसार सोने की गिरावट के पीछे दो बड़े कारण हैं:

1. US Inflation डेटा

अमेरिका में हाल ही में जारी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहे।

जब महंगाई नियंत्रित दिखती है, तो यह संकेत मिलता है कि ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं। ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए अच्छी खबर नहीं होतीं।

2. भारी प्रॉफिट बुकिंग

जब सोना रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, तो कई बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग बेच दी। इसे ही “प्रॉफिट बुकिंग” कहा जाता है।

बड़ी मात्रा में बिकवाली होने से कीमतों पर दबाव पड़ा और बाजार नीचे आ गया।

क्या यह बाजार क्रैश है?

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल इसे “क्रैश” कहना जल्दबाजी होगी। बाजार में तेजी के बाद कुछ गिरावट आना सामान्य है। अगर गिरावट लंबे समय तक जारी रहती है और निवेशकों का भरोसा टूटता है, तब इसे क्रैश कहा जा सकता है। अभी इसे सुधार (Correction) के रूप में देखा जा रहा है।


निवेशकों के लिए क्या करें?

ऐसे समय में घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं:

  • लंबी अवधि के निवेशक घबराएं नहीं।
  • चरणबद्ध तरीके से निवेश करें।
  • एक ही बार में बड़ी खरीदारी से बचें।
  • बाजार की खबरों पर नजर रखें।

सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इसमें भी उतार-चढ़ाव आता रहता है।

क्या फिर बढ़ सकते हैं दाम?

अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है या डॉलर कमजोर होता है, तो सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है। इसके अलावा, अगर महंगाई बढ़ती है तो निवेशक फिर से सोने की ओर रुख कर सकते हैं। इसलिए गिरावट को पूरी तरह नकारात्मक नहीं माना जा सकता।

आम खरीदारों के लिए मौका

शादी और त्योहार के सीजन में सोने की कीमतों में गिरावट आम लोगों के लिए राहत की खबर है। जो लोग लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है।

गिरावट में छुपा है संकेत

₹1.93 लाख के ऑल-टाइम हाई के बाद आई गिरावट ने बाजार को चौंका दिया है।US Inflation डेटा और भारी प्रॉफिट बुकिंग इसका मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। फिलहाल इसे बाजार सुधार माना जा रहा है, न कि पूर्ण क्रैश। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे समझदारी से निर्णय लें और जल्दबाजी से बचें। सोना गिरा जरूर है, लेकिन उसकी चमक पूरी तरह फीकी नहीं पड़ी है। बाजार की दिशा आने वाले दिनों में तय होगी।

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