अचानक क्यों टूटा सोना-चांदी? 3 दिन की तेजी के बाद बाजार में आया बड़ा यू-टर्न
तीन दिन की तेजी के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सुस्ती देखी गई।

बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया है।
भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी सोने और चांदी की कीमतों में उछाल पर आज विराम लग गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान सोने की कीमतों में नरमी देखी गई, जबकि चांदी के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कारकों और पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीदों के चलते कच्चे तेल में आई मामूली गिरावट का असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी पड़ रहा है, जिससे निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
एमसीएक्स पर 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना, जो पिछले सत्र में 1,52,916 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, आज 1,52,891 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में सोने के भाव में उतार-चढ़ाव बना रहा और यह 1,52,825 रुपये के निचले स्तर और 1,53,161 रुपये के ऊपरी स्तर के बीच झूलता दिखा। सुबह के सत्र में यह मामूली गिरावट के साथ 1,52,910 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं, चांदी की स्थिति और भी नरम रही। पिछले सत्र में 2,51,458 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई चांदी आज 2,50,457 रुपये पर खुली और देखते ही देखते 1,767 रुपये तक फिसलकर 2,49,691 रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
सर्राफा बाजार की बात करें तो वहां भी कीमतों में नरमी का रुख है। गुड रिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना 160 रुपये की गिरावट के साथ 1,51,370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। इसी प्रकार, 22 कैरेट सोना 150 रुपये की गिरावट के साथ 1,38,750 रुपये और 18 कैरेट सोना 120 रुपये की गिरावट के साथ 1,13,530 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। हालांकि, चांदी का भाव 2,65,000 रुपये प्रति किलो पर स्थिर बना हुआ है। प्रमुख शहरों की बात करें तो दिल्ली, जयपुर और लखनऊ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,520 रुपये के स्तर पर बना हुआ है, जबकि चेन्नई में यह 1,53,380 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है।
बाजार में यह अस्थिरता अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक स्थितियों और मांग में आए बदलावों के कारण उत्पन्न हुई है। जानकारों के मुताबिक, जब भी वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो सोने जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग में कमी देखी जाती है। फिलहाल, निवेशक बाजार की अगली चाल और महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। आम उपभोक्ता जो लंबे समय से सोने के भाव में सुधार का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए कीमतों में यह मामूली गिरावट भविष्य की खरीदारी के लिए एक संकेत हो सकती है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा किस ओर मुड़ेगी, यह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगा।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
