पश्चिम एशिया में गहराते नए भू-राजनीतिक संकट ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कमोडिटी बाजारों में एक अभूतपूर्व हलचल पैदा कर दी है। रणनीतिक मोर्चे पर बढ़ते तनाव और बड़े देशों के बीच जारी कूटनीतिक गतिरोध के सीधे परिणाम स्वरूप बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी को प्राथमिकता दिए जाने के कारण घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुओं के भाव रिकॉर्ड स्तर की ओर अग्रसर होते दिखे हैं।

वायदा बाजार के शुरुआती कारोबारी सत्र पर नजर डालें तो घरेलू बाजार में मांग का भारी दबाव साफ महसूस किया जा रहा है। एमसीएक्स पर आगामी 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना पिछले कारोबारी सत्र में 1,59,241 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था, जो आज सुबह तेजी के रुख के साथ 1,59,449 रुपये पर खुला। इसके तुरंत बाद निवेशकों की आक्रामक लिवाली के चलते सोने का भाव शुरुआती कारोबार में ही 1,000 रुपये से अधिक की छलांग लगाते हुए 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर तक जा पहुंचा। सुबह 11 बजकर 20 मिनट के आसपास यह बहुमूल्य धातु 983 रुपये की मजबूत बढ़त के साथ 1,60,224 रुपये के स्तर पर कारोबार करती हुई देखी गई।

सोने के साथ-साथ चांदी के वायदा भाव में भी आज ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर आगामी 3 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी 4,340 रुपये यानी 1.63 प्रतिशत की बड़ी बढ़त के साथ 2,70,503 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,66,163 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था और आज इसकी शुरुआत 2,66,202 रुपये पर हुई थी। वैश्विक घटनाक्रमों के दबाव में शुरुआती व्यापारिक घंटों के दौरान चांदी की कीमत 5,233 रुपये की भारी तेजी के साथ 2,71,396 रुपये प्रति किलोग्राम तक उछल गई। दूसरी ओर, हाजिर सर्राफा बाजार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शुद्ध 24 कैरेट सोने की कीमत 1,66,220 रुपये, जेवराती 22 कैरेट सोने की कीमत 1,43,200 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,17,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गई है, जबकि हाजिर चांदी का खुदरा भाव 2,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है।

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, इस ताजा मूल्य वृद्धि के पीछे पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता सैन्य गतिरोध मुख्य कारण है। ईरान ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक कड़ी राजनयिक धमकी दी है कि यदि इजरायल ने लेबनॉन में अपनी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत नहीं रोका, तो वह अमेरिका के साथ चल रही सभी रणनीतिक और शांति वार्ताओं को पूरी तरह से भंग कर देगा। इसके साथ ही ईरान ने वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से ब्लॉक करने की चेतावनी दी है। इस संकट को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने और हवा दे दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि ईरान के साथ बातचीत बंद भी हो जाती है, तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि यह बातचीत अब काफी बोरिंग होने लगी थी।

शीर्ष नेताओं के इन आक्रामक और तल्ख बयानों ने वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध या कूटनीतिक गतिरोध जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं, तब शेयर बाजार और अन्य जोखिम वाले वित्तीय साधनों से पूंजी निकालकर निवेशक सोने और चांदी जैसे पारंपरिक व सुरक्षित ठिकानों में निवेश करना शुरू कर देते हैं। यही कारण है कि केंद्रीय बैंकों और बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा की जा रही लगातार खरीदारी की वजह से आने वाले कुछ समय तक घरेलू सर्राफा बाजार में कीमतों के ऊंचे स्तर पर बने रहने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story