भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और मुद्रा विनिमय दरों में आ रहे उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार में सोने और चांदी के भाव एक मिश्रित दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जहां एक तरफ वायदा बाजार में दोनों धातुओं की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है, वहीं देश की राष्ट्रीय राजधानी के भौतिक हाजिर बाजार में सोने की कीमतों में स्थिरता का रुख बना हुआ है। सर्राफा कारोबारियों और निवेशकों के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर हलचल का सीधा असर स्थानीय कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सोमवार को रात के कारोबारी सत्र के दौरान जून डिलीवरी वाले सोने की कीमत में 785 रुपये प्रति 10 ग्राम की जोरदार तेजी देखी गई। इस बढ़ोतरी के बाद सोना बढ़कर 1,59,332 रुपये पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान बाजार में लिवाली का दबाव इस कदर बढ़ा कि एक समय सोने का भाव रिकॉर्ड 1,60,266 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। इसी तरह वायदा बाजार में जुलाई डिलीवरी वाली चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। चांदी का भाव 4,783 रुपये की छलांग लगाकर 2,76,669 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ, जबकि दिन के उच्चतम स्तर पर यह 2,80,400 रुपये प्रति किलो को छू गया था।

इसके विपरीत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भौतिक सर्राफा बाजार की बात करें तो वहां की स्थितियां वायदा बाजार से थोड़ी अलग दिखाई दीं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 1,62,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रही। पिछले सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजार में हुई भारी बिकवाली के चलते स्थानीय बाजार में स्थिरता देखी गई। हालांकि, दिल्ली के हाजिर बाजार में चांदी की कीमत में 1,000 रुपये की बढ़त दर्ज की गई, जिससे इसका भाव पिछले बंद स्तर 2,75,000 रुपये से बढ़कर 2,76,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट न आने का एक मुख्य कारण भारतीय रुपये का रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाना है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर होता हुआ 96.37 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। कमजोर रुपये के कारण भारत के लिए सोने का आयात काफी महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू स्तर पर कीमतों को समर्थन मिलता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मंदी का पूरा असर स्थानीय कीमतों पर नहीं पड़ पाता है। इसके अलावा चांदी की कीमतों में आई हालिया तेजी के पीछे चांदी के आयात पर सरकार द्वारा लगाए गए ताजा अंकुशों को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां बहुमूल्य धातुओं पर कुछ दबाव देखा गया। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना मामूली कमजोरी के साथ 4,535.23 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि अंतरराष्ट्रीय चांदी लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.42 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई थी। कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में आ रही तेजी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने में मुनाफावसूली देखी जा रही है। इसके साथ ही अमेरिका और चीन के बीच संपन्न हुए शिखर सम्मेलन के सकारात्मक माहौल और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्यापार व शुल्क जैसे विवादित मुद्दों को न उठाए जाने से निवेशकों का जोखिम के प्रति रुझान बदला है।

आर्थिक जानकारों का यह भी कहना है कि भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे घटनाक्रमों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में समय-समय पर उछाल आ जाता है। विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स जैसे गुडरिटर्न्स के आंकड़ों पर नजर डालें तो देश के अलग-अलग प्रमुख शहरों में स्थानीय करों और वैट की दरों के कारण कीमतों में अंतर बना हुआ है। चेन्नई में जहां 24 कैरेट सोना 1,60,910 रुपये पर देखा गया, वहीं दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में यह क्रमशः 1,56,370 रुपये और 1,56,220 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। आने वाले दिनों में मुद्रा बाजार की चाल ही सर्राफा बाजार की अंतिम दिशा तय करेगी।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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