वैश्विक वित्तीय बाजारों में जारी भारी उथल-पुथल और भू-राजनीतिक समीकरणों के बदलने के कारण भारतीय कमोडिटी बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है, जिससे सर्राफा कारोबारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं की नजरें भी बाजार की पल-पल बदलती चाल पर टिक गई हैं. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, कमोडिटी एक्सचेंज पर शुरुआती कारोबार के तहत पीली धातु यानी सोने की कीमतों में करीब 700 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी कमी दर्ज की गई है. इसके साथ ही, औद्योगिक मांग और निवेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली चांदी के दामों में भी 1,600 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट देखी गई है. इस मंदी के पीछे मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर हो रहे नीतिगत बदलाव और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकेतकों की मजबूती को जिम्मेदार माना जा रहा है.

बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट रूप से मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी गंभीर भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष की नई चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों में एक अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है. इस अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स को काफी मजबूती मिली है, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगामी बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाएं काफी प्रबल हो गई हैं. सामान्य तौर पर जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत होता है, तब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोने और चांदी पर दबाव बढ़ जाता है. हालांकि, वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर जारी चिंताओं के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की मांग अभी भी बाजार में निचले स्तरों पर बनी हुई है.

घरेलू बाजारों के आंकड़ों की पड़ताल करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के उलट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भौतिक सर्राफा बाजार में पिछले सत्र के अंत तक एक अलग ही रुख देखने को मिला था. स्थानीय बाजार बंद होने के समय खुदरा और औद्योगिक खरीदारों की ओर से आई भारी मांग की बदौलत चांदी की कीमत 5,000 रुपये के तगड़े उछाल के साथ 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई थी. इसी तरह, दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24-कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत भी 600 रुपये की बढ़त के साथ 1,65,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी, जो कि इससे पिछले कारोबारी सत्र में 1,64,900 रुपये पर थी. स्थानीय कीमतों को भारतीय मुद्रा यानी रुपये में डॉलर के मुकाबले आ रही रिकॉर्ड कमजोरी से भी काफी सहारा मिल रहा है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय गिरावट के बावजूद भारतीय भौतिक बाजार मजबूत बने हुए हैं.

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले सत्र के समापन पर बिना किसी टैक्स और मेकिंग चार्ज के 24-कैरेट सोने की विनिमय दर 1,58,540 रुपये प्रति 10 ग्राम निर्धारित की गई थी, जबकि आभूषण निर्माण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले 22-कैरेट सोने का भाव 1,54,730 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था. इसके बाद के वायदा सत्र में यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर देर रात तक दोनों कीमती धातुओं में निरंतर नरमी का माहौल देखा गया, जहां जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 0.13 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,73,902 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी और सोना 566 रुपये टूटकर 1,59,440 रुपये प्रति 10 ग्राम पर देखा गया.

देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में गुडरिटर्न्स के आंकड़ों के अनुसार आज सुबह की शुरुआती कीमतों पर नजर डालें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय करों और चुंगी के कारण मामूली अंतर दिखाई दे रहा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज सुबह 24-कैरेट सोने का भाव 1,60,230 रुपये, 22-कैरेट का भाव 1,46,750 रुपये और 18-कैरेट का भाव 1,20,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर बना हुआ है. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ-साथ कोलकाता में भी आज सुबह 24-कैरेट सोने का भाव 1,59,930 रुपये और 22-कैरेट का भाव 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया. दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में स्थानीय मांगों के चलते दरें थोड़ी ऊंची हैं, जहां 24-कैरेट सोने का भाव 1,61,670 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों लखनऊ और कानपुर तथा राजस्थान के जयपुर में दिल्ली के समान ही 24-कैरेट सोने की दर 1,60,230 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर रही है, जबकि बिहार के पटना और मध्य प्रदेश के भोपाल व इंदौर में यह भाव 1,60,130 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है.

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों के आधिकारिक विनिमय पर यदि दृष्टि डालें तो वहां सोने और चांदी की कीमतों में वैश्विक बिकवाली के कारण गिरावट का रुख हावी रहा. वैश्विक बाजार में हाजिर सोने की कीमत मामूली रूप से फिसलकर 4,534.54 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई. वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में लगभग एक प्रतिशत की तीव्र गिरावट दर्ज की गई, जिससे वैश्विक मंच पर चांदी लुढ़ककर 75.39 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया के तनाव और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों की नीतियों पर कोई स्पष्ट वैश्विक निर्णय नहीं आ जाता, तब तक दोनों कीमती धातुओं की विनिमय दरों में इसी प्रकार की उतार-चढ़ाव वाली अनिश्चितता लगातार बनी रहेगी, जिसका सीधा प्रभाव आगामी शादी-विवाह के सीजन में भारतीय खुदरा मांग पर भी देखने को मिल सकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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