सोने-चांदी के निवेशकों को बड़ा झटका: एक ही दिन में चांदी 5,400 रुपये लुढ़की, सोना भी हुआ सस्ता|
पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सोने-चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट।

सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के आभूषणों का सांकेतिक प्रदर्शन|
भारतीय सर्राफा बाजार के लिए सप्ताह का पहला कारोबारी दिन गिरावट लेकर आया है, जहां सोने और चांदी की कीमतों में निवेशकों द्वारा भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक स्तर पर उपजे भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष का असर भारतीय बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इस अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है, जिसका सीधा प्रभाव डॉलर की मजबूती और कीमती धातुओं के भाव पर पड़ा है। निवेशकों की इस सतर्कता और मुनाफावसूली के कारण सोने और चांदी के वायदा भाव लगातार दूसरे सत्र में नीचे आए हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर 2026 की डिलीवरी के लिए चांदी वायदा करीब 2.5 प्रतिशत यानी 5,400 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 2,17,277 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। इसी तरह, सोने के वायदा भाव में भी कमजोरी देखी गई है, जहां अगस्त 2026 की डिलीवरी के लिए सोना वायदा 2,000 रुपये गिरकर 1,41,557 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वायदा बाजार के साथ-साथ सर्राफा बाजार में भी सोने के भाव प्रभावित हुए हैं, जबकि चांदी का भौतिक बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है।
सर्राफा बाजार की कीमतों पर नजर डालें तो 24 कैरेट सोने के भाव में 1,420 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद यह 1,42,910 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। 22 कैरेट सोने की कीमतों में भी 1,300 रुपये की कटौती हुई है और यह 1,31,000 रुपये के भाव पर आ गया है। 18 कैरेट सोने के मूल्य में भी 1,070 रुपये की नरमी देखी गई है और यह 1,07,180 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण है, क्योंकि इसने महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों के ऊंचे स्तर पर बने रहने की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण ईरान द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने की घोषणा और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना है। इस तनाव ने वैश्विक इक्विटी बाजारों पर दबाव बनाया है और डॉलर को मजबूती दी है, जो सोने और चांदी के लिए प्रतिकूल सिद्ध हो रहा है। इसके अतिरिक्त, बाजार में लगातार दो सत्रों की बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी है, जिससे कीमतों में यह सुधार देखा जा रहा है। आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति और कच्चे तेल की चाल सोने और चांदी की कीमतों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे निवेशकों को बाजार के प्रति अधिक सजग रहने की आवश्यकता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
