घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में बदलते आर्थिक समीकरणों के बीच बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में एक बार फिर महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार सहित मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं के भाव में नरमी का रुख दर्ज किया गया है। साप्ताहिक अवकाश के चलते सप्ताहांत पर हाजिर बाजारों में भले ही कारोबार बंद रहा हो, लेकिन आखिरी कारोबारी सत्र के दौरान दर्ज की गई गिरावट के कारण खुदरा बाजारों में खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। भारतीय सर्राफा बाजार में शादियों के मौजूदा सीजन के बीच कीमतों में आई यह गिरावट आभूषण निर्माताओं और आम उपभोक्ताओं दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय अवसर लेकर आई है।

आधिकारिक व्यापारिक सत्र के समापन तक सराफा बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, टैक्स और मेकिंग चार्ज के बिना खुदरा बाजार में 24-कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम पर काफी नीचे आ गई। इसके साथ ही आभूषण निर्माण में सर्वाधिक उपयोग होने वाले 22-कैरेट सोने के भाव भी पूर्ववर्ती स्तरों से टूटकर बंद हुए। दूसरी ओर अखिल भारतीय सर्राफा संघ द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी के स्थानीय सर्राफा बाजार में जहां चांदी की कीमतें एक निश्चित दायरे में रहकर स्थिर रहीं, वहीं सभी करों सहित 24-कैरेट वाले सोने की हाजिर कीमत में प्रति 10 ग्राम 600 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

वायदा बाजार की बात करें तो कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी दोनों कीमती धातुओं में बिकवाली का दबाव साफ तौर पर हावी रहा। आगामी महीनों की डिलीवरी वाले सोने और चांदी के वायदा अनुबंध गिरावट के लाल निशान के साथ बंद हुए। एक्सचेंज पर जुलाई डिलीवरी वाली चांदी के अनुबंधों में प्रति किलोग्राम करीब 246 रुपये यानी 0.09 फीसदी का नुकसान देखा गया। वहीं वायदा बाजार में सोने के भाव भी प्रति 10 ग्राम 91 रुपये नीचे खिसक गए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और स्थानीय स्तर पर मांग में आए आंशिक ठहराव के कारण ही घरेलू एक्सचेंजों पर यह सुस्ती देखने को मिल रही है, जिसने घरेलू खुदरा कीमतों को भी सीधे प्रभावित किया है।

देश के अलग-अलग हिस्सों और महानगरों की बात करें तो स्थानीय करों और चुंगी के कारण प्रमुख शहरों में सोने के खुदरा रेट में मामूली अंतर देखा जा रहा है। देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट का समान असर रहा है। चेन्नई में दक्षिणी बाजार की स्थानीय मांग के कारण कीमतें अन्य शहरों की तुलना में थोड़ी ऊंची बनी हुई हैं, जबकि उत्तर भारत के प्रमुख केंद्रों जैसे लखनऊ, कानपुर और जयपुर में भाव लगभग एक समान स्तर पर स्थिर हैं। इसके अतिरिक्त बिहार के पटना और मध्य प्रदेश के इंदौर तथा भोपाल शहरों में भी सोने के भाव में इसी तरह का सुधारात्मक रुख देखा गया है, जिससे पूरे देश के खुदरा बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

इस घरेलू गिरावट को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुमूल्य धातुओं की चाल से जोड़कर देखा जा रहा है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक मोर्चे पर जारी अनिश्चितताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना थोड़ा टूटकर वैश्विक स्तर पर प्रति औंस के निचले दायरे में आ गया। वैश्विक कमोडिटी बाजारों में भी चांदी की कीमतों में करीब एक फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर डॉलर सूचकांक में आई मजबूती और अंतरराष्ट्रीय रिफाइनिंग मार्जिन में हुए बदलावों के कारण वैश्विक निवेशकों ने सोने से आंशिक मुनाफावसूली की है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों में आ रहा यह उतार-चढ़ाव नीति निर्माताओं और खुदरा निवेशकों दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में वैश्विक मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के रुख के आधार पर ही सोने और चांदी की दीर्घकालिक दिशा तय होगी। बहरहाल, पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई को छू रहे सोने के दामों में आई इस 600 रुपये तक की तात्कालिक गिरावट ने देश के मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत दी है, जो आगामी वैवाहिक आयोजनों के लिए सोने और चांदी के आभूषणों की खरीदारी की योजना बना रहे थे।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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