रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची सोना-चांदी की कीमतें, निवेशकों की चांदी पर खरीदारों में मायूसी।
एमसीएक्स पर सोना 750 रुपये और चांदी 3,800 रुपये तक महंगी हुई, वैश्विक तनाव कम होने और ऊर्जा बाजार में सुधार से बढ़ी बहुमूल्य धातुओं की मांग।

बाजार में सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों को दर्शाता एक ग्राफिकल चित्रण।
वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्यों में आए बदलावों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों की आहट ने भारतीय सर्राफा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। सात मई के शुरुआती कारोबारी सत्र में ही बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में एक ऐसी वृद्धि देखी गई, जिसने अर्थशास्त्रियों और आम जनता दोनों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। बाजार खुलते ही सोने ने जहां अपनी चमक को और गहरा किया, वहीं चांदी ने एक लंबी छलांग लगाते हुए निवेशकों के पोर्टफोलियो में उत्साह का संचार किया। यह उछाल केवल घरेलू मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय राजनीति और ऊर्जा बाजारों के समीकरणों का एक जटिल ताना-बाना काम कर रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत होते ही सोने की कीमतों में 750 रुपये से अधिक की तेजी दर्ज की गई। जून की डिलीवरी वाले अनुबंधों के लिए सोने का भाव पिछले सत्र के 1,52,132 रुपये से बढ़कर सीधे 1,52,887 रुपये प्रति 10 ग्राम पर जा पहुंचा। यह वृद्धि दर्शाती है कि बाजार में सोने के प्रति धारणा अत्यंत मजबूत बनी हुई है। दूसरी ओर, चांदी की कीमतों ने सभी को अचंभित करते हुए लगभग 3,800 रुपये की भारी तेजी के साथ कारोबार शुरू किया। जुलाई अनुबंध वाली चांदी की कीमत 2,57,055 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर को छू गई, जो पिछले सत्र के मुकाबले एक बड़ी बढ़त है।
सर्राफा बाजारों में भी इसी तरह की तेजी का माहौल बना हुआ है। खुदरा बाजार में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव 1,52,460 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि आभूषणों के लिए लोकप्रिय 22 कैरेट सोने की कीमत 1,39,750 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है। चांदी की कीमतों में खुदरा स्तर पर 5,000 रुपये प्रति किलो की वृद्धि देखी गई, जिससे यह 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में कीमतों के बीच का अंतर स्थानीय करों और मांग के आधार पर बना हुआ है, लेकिन समग्र प्रवृत्ति ऊपर की ओर ही बनी हुई है।
इस भारी वृद्धि के पीछे के कारणों का विश्लेषण करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव में कमी और अमेरिका-इरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों ने बाजार को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से व्यापार की सुगमता बढ़ने की संभावना ने ऊर्जा क्षेत्र में मुद्रास्फीति की चिंताओं को कम किया है, जिससे निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की ओर बढ़ा है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक कारकों में आए इस अचानक बदलाव ने कीमती धातुओं पर बने दबाव को हटा दिया है, जिससे कीमतों को नई ऊर्जा मिली है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत बुधवार को 1.55 लाख रुपये के स्तर को पार कर गई, जो इसकी बढ़ती स्वीकार्यता और मांग का प्रतीक है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में लगभग दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में भी हाजिर सोने और चांदी की कीमतों में क्रमशः 2.33 प्रतिशत और 4.68 प्रतिशत की बढ़त देखी गई, जो यह स्पष्ट करता है कि भारत में हो रही यह वृद्धि वैश्विक रुझानों का ही एक हिस्सा है। आने वाले दिनों में बाजार की नजरें अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक स्थिरता पर टिकी रहेंगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
