नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक समीकरणों में आए अचानक बदलाव और घरेलू बाजार में मांग के दबाव के बीच भारतीय सराफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी उथल-पुथल देखी गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर दिल्ली के ऐतिहासिक सराफा बाजार तक, कीमती धातुओं के दाम अर्श से फर्श पर आते नजर आए। इस गिरावट का सबसे बड़ा प्रहार चांदी पर हुआ, जिसकी कीमतों में शुरुआती कारोबार के दौरान ही 11,700 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बड़ी सेंध लग गई। निवेशकों के लिए यह दिन किसी झटके से कम नहीं था, क्योंकि सोने की कीमतों में भी प्रति 10 ग्राम 2,000 रुपये से अधिक की कमी दर्ज की गई।

सराफा बाजार के इस घटनाक्रम को केवल एक सामान्य गिरावट के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसकी जड़ें वैश्विक कूटनीति और घरेलू ईंधन नीति में गहराई से जुड़ी हैं। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों के बीच हो रही उच्च स्तरीय बैठक के नतीजों का इंतजार बाजार को अस्थिर कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये से अधिक की वृद्धि ने मुद्रास्फीति की आशंकाओं को जन्म दे दिया है। आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इस वृद्धि के कारण भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है, जिससे निवेशकों का रुख कीमती धातुओं के प्रति बदला है।

वायदा बाजार की बात करें तो एमसीएक्स पर तीन जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी की कीमतों ने सबको चौंका दिया। पिछले सत्र में 2,91,102 रुपये पर बंद होने वाली चांदी करीब 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,79,458 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। इसी तरह, जून डिलीवरी वाला सोना भी बिकवाली के दबाव में आकर 1,59,946 रुपये के स्तर तक फिसल गया। हालांकि, दिल्ली के हाजिर बाजार में स्थिति थोड़ी अलग रही। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के कारण स्थानीय बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 650 रुपये की मामूली बढ़त देखी गई, जिससे भाव 1,66,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना 4,704.30 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है, लेकिन ऊंची कीमतों के कारण भौतिक मांग में भारी कमी आई है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी का कहना है कि घरेलू बाजार में सोने को रुपये की कमजोरी से समर्थन तो मिल रहा है, लेकिन ग्राहकों की खरीदारी में अरुचि ने कीमतों पर दबाव बना दिया है।

इस समय देश के प्रमुख महानगरों में सोने के दाम अलग-अलग स्तर पर हैं। दिल्ली और जयपुर जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,62,260 रुपये के आसपास बना हुआ है, जबकि चेन्नई में यह आंकड़ा 1,63,680 रुपये तक जा पहुंचा है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार भी शाम होते-होते बाजार में सुस्ती देखी गई। कीमती धातुओं में आई यह गिरावट शादी-ब्याह के सीजन के बीच ग्राहकों के लिए राहत तो लाई है, लेकिन निवेशकों के लिए यह वैश्विक अनिश्चितता का एक बड़ा संकेत है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक वार्ताओं और कच्चे तेल की कीमतों का रुख ही तय करेगा कि सोने और चांदी की चमक वापस लौटेगी या नहीं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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