नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी 17 मार्च 2026 को सोने की कीमतों में हलचल बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और डॉलर की मजबूती के बीच भारत में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों ने नए स्तरों को छुआ है। आज 24 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,57,410 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया है, जो अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्जेस के कारण ₹1.55 लाख से ₹1.59 लाख के दायरे में बना हुआ है।

आज के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम)

आज सुबह बाजार खुलने के साथ ही कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन पिछले सप्ताह के मुकाबले सोना अभी भी काफी ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है।

24 कैरेट गोल्ड (99.9% शुद्धता): ₹1,57,410 (औसत दर)

22 कैरेट गोल्ड (91.6% शुद्धता): ₹1,44,290 (औसत दर)

18 कैरेट गोल्ड: ₹1,18,060 (औसत दर)

नोट: ऊपर दिए गए रेट्स सांकेतिक हैं। ज्वेलरी शोरूम पर आपको इस पर 3% GST और मेकिंग चार्जेस अलग से देने होंगे, जिससे अंतिम कीमत ₹1.70 लाख के पार जा सकती है।


प्रमुख शहरों में सोने का हाल

भारत के महानगरों में स्थानीय टैक्स (Local Taxes) के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है। 17 मार्च 2026 को प्रमुख शहरों के रेट्स इस प्रकार हैं:


शहर

24 कैरेट (10 ग्राम)

22 कैरेट (10 ग्राम)

मुंबई

₹1,57,410

₹1,44,290

दिल्ली

₹1,57,560

₹1,44,440

चेन्नई

₹1,60,470

₹1,47,090

कोलकत्ता

₹1,57,410

₹1,44,290

बेंगलुरु

₹1,57,410

₹1,44,290

अहमदाबाद

₹1,57,460

₹1,44,340


सोने की कीमतों में बदलाव के बड़े कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में सोने की कीमतों में इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:

1. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में जारी संघर्षों के कारण निवेशकों का भरोसा सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने पर बढ़ा है। जब भी दुनिया में अनिश्चितता होती है, सोने की मांग और दाम दोनों बढ़ते हैं।

2. डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की स्थिति सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित करती है। वर्तमान में डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता का असर भारतीय बाजार पर भी दिख रहा है।

3. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, विशेष रूप से भारत और चीन, अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इस भारी मांग ने कीमतों को ₹1.50 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार धकेल दिया है।

4. रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति भी आयातित सोने की कीमत तय करती है। रुपया कमजोर होने से भारत में सोना महंगा हो जाता है।


खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

यदि आप शादी-ब्याह या निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन 3 जरूरी बातों को नजरअंदाज न करें:

• हॉलमार्किंग (Hallmarking): हमेशा 'BIS हॉलमार्क' वाला सोना ही खरीदें। यह सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। 2026 में शुद्धता के कड़े नियमों के कारण बिना हॉलमार्क वाले सोने की रीसेल वैल्यू कम हो सकती है।

• मेकिंग चार्जेस: अलग-अलग ज्वेलर्स अलग-अलग मेकिंग चार्जेस लेते हैं। गहने खरीदते समय इस पर मोलभाव जरूर करें, क्योंकि यह आपकी कुल कीमत को 5% से 15% तक बढ़ा सकता है।

• डिजिटल गोल्ड और ETF: यदि आप केवल निवेश करना चाहते हैं, तो फिजिकल गोल्ड के बजाय गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड पर विचार करें। इसमें मेकिंग चार्जेस और सुरक्षा की चिंता नहीं रहती।


भविष्य का अनुमान (Market Outlook)

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मार्च 2026 के अंत तक सोने की कीमतों में थोड़ा और सुधार (Price Correction) देखा जा सकता है। हालांकि, लंबी अवधि (Long-term) के लिए सोने का रुझान अभी भी सकारात्मक है। कई बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने साल के अंत तक सोने के ₹1.75 लाख से ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुँचने की संभावना जताई है।


डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। बाजार के जोखिमों को देखते हुए निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एक्सपर्ट या निवेश सलाहकार से राय जरूर लें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story