क्या 2026 में सोना बनेगा नया निवेश किंग? ₹15,300 के पार पहुंचा भाव, निवेशक गदगद!
भारतीय सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक तेजी, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी भारी उछाल, निवेशकों में उत्साह।

क भारतीय आभूषण विक्रेता के पास प्रदर्शित किए गए 22 कैरेट सोने के कंगन और चूड़ियां|
भारतीय सर्राफा बाजार में ऐतिहासिक उछाल: सोने की कीमतों ने छुआ अब तक का उच्चतम स्तर
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक नया इतिहास रचा गया है, जहां बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में आई भारी तेजी ने निवेशकों और आम उपभोक्ताओं दोनों को अचंभित कर दिया है। वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और घरेलू मांग में अचानक आए उछाल के कारण सोने की कीमतों ने एक ऐसा स्तर छू लिया है, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक नहीं की गई थी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की बढ़ती मांग ने आपूर्ति और मांग के संतुलन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर आज की कीमतों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
आज के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 15,300 रुपये प्रति ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है। 24 कैरेट सोना, जिसे 99.9 प्रतिशत शुद्धता के साथ सबसे उत्तम माना जाता है, मुख्य रूप से निवेश के लिए सिक्कों और बार के रूप में उपयोग किया जाता है। इसकी कीमतों में इस अप्रत्याशित वृद्धि ने उन निवेशकों के चेहरे पर चमक ला दी है जिन्होंने निचले स्तर पर खरीदारी की थी, लेकिन मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अब सोना खरीदना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
गहनों के निर्माण के लिए सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले 22 कैरेट सोने (91.6 प्रतिशत शुद्धता) की बात करें, तो इसकी कीमत आज 14,025 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है। भारतीय परिवारों में शादियों और त्योहारों के अवसर पर सोने के आभूषणों का विशेष महत्व होता है, लेकिन वर्तमान कीमतों ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के बजट को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। ज्वेलरी शोरूम्स में ग्राहकों की चहल-पहल कम देखी जा रही है और लोग अब पुराने सोने को बदलवाने या हल्के वजन के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
इसके साथ ही, किफायती श्रेणी में आने वाले 18 कैरेट सोने (75 प्रतिशत शुद्धता) की कीमत भी 11,475 रुपये प्रति ग्राम के स्तर को पार कर गई है। आमतौर पर डायमंड और कीमती पत्थरों वाली ज्वेलरी में इस्तेमाल होने वाला यह सोना भी अब रिकॉर्ड स्तर पर है। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनावों ने सोने को एक सुरक्षित ठिकाना बना दिया है। केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने स्वर्ण भंडार में की जा रही लगातार वृद्धि भी कीमतों को सहारा दे रही है।
कानूनी और आधिकारिक दृष्टिकोण से देखें तो भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने ग्राहकों को केवल हॉलमार्क वाली ज्वेलरी खरीदने की सलाह दी है ताकि वे शुद्धता के साथ धोखाधड़ी से बच सकें। सरकार की ओर से भी डिजिटल गोल्ड और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भौतिक सोने की मांग को नियंत्रित किया जा सके और अर्थव्यवस्था पर इसके आयात के बोझ को कम किया जा सके। टैक्स और लेवी के कारण विभिन्न राज्यों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखा जा सकता है, जो स्थानीय बाजार की स्थितियों पर निर्भर करता है।
इस ऐतिहासिक मूल्य वृद्धि का प्रभाव केवल बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य के निवेश के तरीकों को भी बदल रहा है। यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आगामी शादियों के सीजन में ज्वेलरी व्यापार पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। सोने की यह चमक आने वाले दिनों में और कितनी तेज होगी, यह अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और घरेलू नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, सोने ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट के समय में यह दुनिया की सबसे भरोसेमंद संपत्ति बनी हुई है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
