सोने की कीमतों ने छुआ नया आसमान; आम आदमी की पहुंच से दूर हुआ 24 कैरेट गोल्ड!
भारतीय सर्राफा बाजार में शुद्धता के आधार पर सोने के दाम तय, 18 कैरेट सोने की कीमत ₹11,550 प्रति ग्राम दर्ज की गई।

भारतीय सर्राफा बाजार के एक शोरूम में प्रदर्शित सोने के विभिन्न आभूषण|
भारतीय अर्थव्यवस्था में सोने का स्थान केवल एक धातु मात्र नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और निवेश का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता है। वैश्विक बाजार में हो रही हलचल और घरेलू मांग के बीच आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में एक नया स्तर देखा गया है। शुद्धता के आधार पर सोने के भाव में आए इस बदलाव ने न केवल निवेशकों, बल्कि आम उपभोक्ताओं का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,399 प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है, जो इसकी 99.9% शुद्धता को देखते हुए बाजार का उच्चतम मानक है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह स्थिरता या उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों और केंद्रीय बैंकों के स्वर्ण भंडार की नीतियों पर निर्भर करता है। आम तौर पर भारतीय परिवारों में सबसे अधिक मांग 22 कैरेट सोने की होती है, जिसका उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है। आज 22 कैरेट (91.6% शुद्धता) सोने का भाव ₹14,116 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। इसके अलावा, 18 कैरेट सोने की कीमत, जिसका उपयोग अक्सर हीरे जड़े आभूषणों और हल्के वजन की ज्वेलरी में होता है, ₹11,550 प्रति ग्राम पर स्थिर है।
ज्वेलरी एसोसिएशन और सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि कीमतों में होने वाले इन बदलावों का सीधा असर शादियों के सीजन और त्योहारों की खरीदारी पर पड़ता है। बाजार में सोने की शुद्धता को लेकर उपभोक्ता अब पहले से कहीं अधिक जागरूक हैं, यही कारण है कि हॉलमार्किंग के अनिवार्य होने के बाद 22 और 24 कैरेट के भावों में स्पष्ट अंतर और पारदर्शिता देखने को मिलती है। आधिकारिक विनिमय केंद्रों और बड़े शहरों के ज्वेलरी शोरूम्स में इन भावों के साथ-साथ जीएसटी और मेकिंग चार्जेस अलग से देय होते हैं, जिससे अंतिम कीमत में थोड़ा अंतर आ सकता है।
आने वाले दिनों में सोने की कीमतों की दिशा वैश्विक भू-राजनीतिक स्थितियों और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी निर्णयों से तय होगी। फिलहाल, ₹15,000 के आंकड़े को पार कर चुका 24 कैरेट गोल्ड निवेशकों के लिए एक सुरक्षित आश्रय बना हुआ है, जबकि आम आदमी अपनी बचत के आधार पर 18 और 22 कैरेट के विकल्पों पर विचार कर रहा है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
