भारत में सोने की कीमतों का नया कीर्तिमान- रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे भाव, बढ़ती कीमतों ने मचाया हाहाकार|
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के भाव रिकॉर्ड स्तर पर, 22 कैरेट जेवराती सोना 13,835 रुपये प्रति ग्राम हुआ।

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में आए ऐतिहासिक उछाल को दर्शाती सोने की ईंटों की एक प्रतीकात्मक तस्वीर।
भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों ने एक नया ऐतिहासिक स्तर छू लिया है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों के बीच हलचल तेज हो गई है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू मांग में आए बदलावों के कारण सोने के भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। आज बाजार खुलते ही 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत 15,093 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई। यह उछाल केवल उच्चतम शुद्धता वाले सोने तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि जेवराती सोने के रूप में पहचाने जाने वाले 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी आनुपातिक बढ़ोत्तरी देखी गई है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने के भंडार को बढ़ाने के प्रयासों ने भारतीय बाजार पर गहरा असर डाला है। आज की ताज़ा स्थिति के अनुसार, 22 कैरेट सोने का भाव 13,835 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गया है, जो आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाता है। वहीं, कम बजट वाले खरीदारों के लिए उपलब्ध 18 कैरेट सोने की कीमत भी बढ़कर 11,320 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। कीमतों में इस निरंतर वृद्धि ने शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी की योजना बना रहे परिवारों की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
कानूनी और आधिकारिक दृष्टिकोण से देखें तो इन कीमतों में स्थानीय कर, वैट और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं, जो विभिन्न शहरों और शोरूम्स में भिन्न हो सकते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सभी खरीदारों को हॉलमार्क वाले सोने की ही खरीदारी करने की सलाह दी है ताकि शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। बाजार विशेषज्ञों का संकेत है कि यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में कीमतें और अधिक ऊपर जा सकती हैं। निवेश के लिहाज से सोने को अभी भी सबसे सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, लेकिन उच्च कीमतों ने तात्कालिक मांग पर दबाव बना दिया है।
सोने की इन आसमान छूती कीमतों का सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति पर पड़ना निश्चित है। जहां एक ओर पुराने निवेशकों के लिए यह लाभ का समय है, वहीं नई खरीदारी करने वालों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। सर्राफा संगठनों का कहना है कि कीमतों में इस तरह का तीव्र उछाल पिछले कई वर्षों में नहीं देखा गया है। अब सभी की निगाहें वैश्विक घटनाक्रमों और आगामी मौद्रिक नीतियों पर टिकी हैं, जो सोने की अगली दिशा तय करेंगी।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
