Gold price drop today in India : भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक ऐसा अप्रत्याशित मोड़ आया है जिसने निवेशकों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक के होश उड़ा दिए हैं। वैश्विक और घरेलू बाजारों में बदलते समीकरणों के बीच सोने की कीमतों में एक बड़ी और ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। इस भारी गिरावट ने बाजार विश्लेषकों को भी चौंका दिया है, क्योंकि पिछले कुछ समय से लगातार आसमान छू रहे सोने के दाम अचानक औंधे मुंह नीचे आ गिरे हैं। इस बड़ी हलचल के बाद देशभर के सर्राफा बाजारों और आभूषण निर्माताओं की दुकानों पर अचानक ग्राहकों की आवाजाही तेज हो गई है, जिससे बाजार में एक नई रौनक और खलबली दोनों एक साथ देखने को मिल रही है।

बाजार से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुद्धता के पैमाने पर सबसे ऊंचे माने जाने वाले 24 कैरेट सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम पर सीधे ₹3,000 की भारी कटौती देखी गई है। इस बड़ी गिरावट के बाद अब 24 कैरेट सोने के 1 ग्राम की कीमत ₹15,273 हो गई है, जबकि 10 ग्राम का भाव घटकर ₹1,52,730 के स्तर पर पहुंच गया है। बड़े स्तर पर कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए 100 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत अब ₹15,27,300 पर आ गई है, जिसमें कुल ₹30,000 की बड़ी कमी दर्ज की गई है। आभूषणों के निर्माण के लिए सबसे लोकप्रिय माने जाने वाले 22 कैरेट सोने के दामों में भी प्रति 10 ग्राम पर ₹2,750 की बड़ी राहत मिली है, जिससे अब इसका 10 ग्राम का भाव ₹1,40,000 और 1 ग्राम का दाम ₹14,000 तय किया गया है। इसके अलावा मध्यम आय वर्ग की पसंद माने जाने वाले 18 कैरेट सोने की कीमत भी ₹2,250 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,14,550 पर बंद हुई है।

इस पूरे घटनाक्रम के कानूनी और नियामक पहलुओं पर नजर डालें तो बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में इस तरह के बड़े उतार-चढ़ाव पर केंद्रीय वित्तीय एजेंसियां और कमोडिटी एक्सचेंज बोर्ड लगातार नजर बनाए हुए हैं। आभूषणों की शुद्धता को लेकर सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए हॉलमार्किंग नियमों के तहत उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे इस मंदी का लाभ उठाते हुए केवल प्रमाणित और हॉलमार्क वाले सोने की ही खरीदारी करें। टैक्स विश्लेषकों का यह भी कहना है कि स्क्रीन पर दिखने वाली इन कीमतों में स्थानीय स्तर पर लगने वाला वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से जोड़ा जाएगा, जिसके लिए ग्राहकों को पक्का बिल लेना अनिवार्य है।

सोने की कीमतों में आई इस अप्रत्याशित और ताबड़तोड़ गिरावट का दीर्घकालिक प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था और खुदरा बाजार पर व्यापक रूप से पड़ने की उम्मीद है। आने वाले शादियों के सीजन को देखते हुए इस गिरावट को आम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़े जैकपॉट के रूप में देखा जा रहा है, जिससे बाजार में नकदी का प्रवाह तेजी से बढ़ेगा। यह घटनाक्रम इस बात का साफ संकेत है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारतीय सर्राफा बाजार बेहद संवेदनशील और गतिशील बना हुआ है, जहां आने वाले दिनों में निवेशकों की रणनीति में एक बड़ा बदलाव आना तय माना जा रहा है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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