भारत में सोने के आयात को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने के लिए देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। इसके बावजूद, देश में सोने के आयात में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जुलाई के बीच भारत का कुल गोल्ड इंपोर्ट सालभर पहले की इसी अवधि के मुकाबले 32 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 15.17 बिलियन डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया है।

सरकार ने सोने के बढ़ते आयात पर लगाम कसने के लिए पिछले साल 13 मई को गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया था। इसके बावजूद आयात की रफ्तार कम नहीं हुई है। इस साल अप्रैल से जून के बीच देश में 11 बिलियन डॉलर के गोल्ड बॉर का आयात हुआ, जो पिछले साल की इसी अवधि के 7.5 बिलियन डॉलर से करीब 47.1 प्रतिशत अधिक है।

इस पूरी वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से होने वाला भारी आयात है। GTRI की रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले जून के महीने में UAE से होने वाला सोने का आयात 175.2 प्रतिशत की भारी उछाल के साथ 64.94 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया, जबकि इसके विपरीत बाकी दुनिया से होने वाला आयात 17.7 प्रतिशत घटकर 1.32 बिलियन डॉलर पर सिमट गया। आंकड़ों के अनुसार, UAE से आयात में 41.35 करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई, जबकि अन्य देशों से यह 28.41 करोड़ डॉलर कम हुआ। इस बदलाव के कारण भारत के कुल गोल्ड इंपोर्ट में अकेले UAE की हिस्सेदारी पिछले साल के 12.8 प्रतिशत से बढ़कर अब 33 प्रतिशत हो गई है।

अप्रैल से जून की तिमाही में भी यही रुख देखने को मिला, जहां UAE से आयात 124.8 प्रतिशत बढ़कर 3.14 बिलियन डॉलर हो गया। इस तिमाही में भारत के कुल गोल्ड इंपोर्ट में 3.53 बिलियन डॉलर की कुल बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें अकेले 1.74 बिलियन डॉलर का हिस्सा UAE का रहा।

व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, जून में UAE से आयात बढ़ने के पीछे मुख्य वजह ड्यूटी ड्रॉबैक का लाभ उठाना हो सकता है। कई व्यापारी भारत से ज्वैलरी को यूएई ले जाकर वहां से उसे दोबारा गोल्ड बार के रूप में भारत में आयात कर रहे हैं। वहीं, GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने साल 2022 में भारत और यूएई के बीच हुई ट्रेड डील का हवाला देते हुए बताया कि इस समझौते के तहत यूएई से मोस्ट फेवर्ड नेशन ड्यूटी से 1 प्रतिशत कम पर सोना आयात करने की अनुमति है।

अजय श्रीवास्तव का कहना है कि सोने जैसे हाई-वैभव और कम मार्जिन वाले बुलियन ट्रेड में 1 प्रतिशत का यह अंतर भी बहुत बड़ा साबित होता है। हालांकि आयात के आंकड़े बढ़ने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के ऊंचे दामों का असर भी शामिल हो सकता है, लेकिन सरकार को इस बात की गहराई से जांच करनी चाहिए कि क्या ड्यूटी में मिलने वाली छूट की वजह से यूएई का ओरिजिन ट्रेड बढ़ रहा है या फिर अन्य देशों का माल दुबई के रास्ते भारत में लाया जा रहा है, क्योंकि यूएई में अपनी कोई सोने की खदान नहीं है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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