मुंबई के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। सप्ताह के मध्य में दर्ज की गई बढ़त ने निवेशकों और कारोबारियों का ध्यान खींचा है। आज के कारोबार में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹13,484 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना ₹12,360 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹10,113 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। बीते दिन की तुलना में सोने के भाव में ₹33 प्रति ग्राम की बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, चांदी की कीमत ₹211 प्रति ग्राम और ₹2,11,000 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जिसमें एक दिन में ₹3 की तेजी दर्ज की गई।

पिछले एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो सर्राफा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सप्ताह की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और डॉलर की मजबूती के कारण सोने-चांदी के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, जैसे-जैसे सप्ताह आगे बढ़ा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से कीमती धातुओं में फिर से तेजी लौटी।

सोने के दामों में सप्ताह के दौरान कभी मामूली गिरावट तो कभी सीमित बढ़त दर्ज होती रही। विशेषज्ञों के अनुसार, यह उतार-चढ़ाव वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आ रहे आर्थिक संकेतों का परिणाम है। चांदी के बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला, जहां औद्योगिक मांग और निवेशकों की सक्रियता ने कीमतों को सहारा दिया।

इस साप्ताहिक उतार-चढ़ाव का सीधा असर निवेशकों की रणनीतियों पर पड़ा है। छोटे निवेशक जहां कीमतों में गिरावट के दौरान खरीदारी के अवसर तलाशते नजर आए, वहीं बड़े निवेशकों ने बाजार की दिशा स्पष्ट होने तक सतर्क रुख अपनाया। सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है और मौजूदा माहौल में इसकी मांग में स्थिरता बनी हुई है। चांदी के मामले में, औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों ही पहलुओं ने कीमतों को प्रभावित किया है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में भी सोना और चांदी वैश्विक कारकों के प्रति संवेदनशील बने रहेंगे। मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव, महंगाई के आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इन धातुओं की कीमतों को दिशा देंगे। घरेलू बाजार में त्योहारी सीजन और शादी-विवाह की मांग भी आने वाले दिनों में कीमतों पर असर डाल सकती है।

कुल मिलाकर, बीते एक सप्ताह में सोना और चांदी की कीमतों में आया उतार-चढ़ाव यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल संतुलन तलाश रहा है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने का है, जबकि बाजार के लिए यह स्थिति वैश्विक और घरेलू कारकों के बीच बने नाजुक संतुलन को दर्शाती है। सर्राफा बाजार की यह चाल आने वाले दिनों में निवेश और व्यापार दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक साबित हो सकती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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