क्रिप्टोकरेंसी बाजार में उथल-पुथल के बीच जीनियस टर्मिनल का धमाका, 7 दिनों में निवेशकों का पैसा हुआ तीन गुना

नई दिल्ली। वैश्विक डिजिटल परिसंपत्ति बाजार (क्रिप्टोकरेंसी) में पिछले 24 घंटों के दौरान एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर बिटकॉइन और इथेरियम जैसे दिग्गज कॉइन्स में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर 'जीनियस टर्मिनल' (Genius Terminal) नामक एक कम चर्चित क्रिप्टोकरेंसी ने बाजार में धूम मचा दी है। इस क्रिप्टो ने महज सात दिनों के भीतर अपने निवेशकों को 227 प्रतिशत से अधिक का भारी-भरकम रिटर्न देकर वित्तीय गलियारों में सनसनी फैला दी है। आंकड़ों के अनुसार, यदि किसी निवेशक ने एक सप्ताह पहले इसमें एक लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी कीमत तीन लाख रुपये से भी अधिक हो गई होती।

वर्तमान में क्रिप्टो ग्लोबल मार्केट कैप में 1.30 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जिससे यह 2.52 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया है। इस मंदी के बावजूद जीनियस टर्मिनल की परफॉर्मेंस ने सबको चौंका दिया है। हालांकि, सोमवार को इस कॉइन में भी लगभग 6 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई, जिससे इसकी कीमत 0.6271 डॉलर पर आ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि एक डॉलर से कम कीमत वाले ऐसे 'स्मॉल-कैप' कॉइन्स में अक्सर ऐसी भारी हलचल देखी जाती है, जो ऊंचे रिटर्न के साथ-साथ उच्च जोखिम भी लेकर आते हैं। 'फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स' भी फिलहाल 51 के अंक पर है, जो बाजार में तटस्थता और संशय के भाव को दर्शाता है।

बाजार की इस गिरावट की आंच सबसे ज्यादा दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन पर पड़ी है। बिटकॉइन की कीमत 75,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे गिरकर 74,595 डॉलर पर आ गई है। इसी तरह, इथेरियम में भी ढाई प्रतिशत की कमजोरी देखी गई और यह 2283 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है। रिपल (XRP), सोलाना (SOL) और हाइपरलिक्विड जैसे अन्य प्रमुख टोकन भी लाल निशान में नजर आए। विशेष रूप से हाइपरलिक्विड में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिसने पोर्टफोलियो निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

लेकिन इस नकारात्मक सेंटिमेंट के बीच भी कुछ 'पॉकेट ऑफ ग्रोथ' नजर आई हैं। ट्रॉन (TRON) और केंटन (Kenton) जैसे कॉइन्स ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी बढ़त बरकरार रखी है। केंटन में 2 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया, वहीं एस्टर क्रिप्टो और ऑफिशियल ट्रंप कॉइन में भी मामूली तेजी दर्ज की गई। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि निवेशक अब चुनिंदा और विशिष्ट परियोजनाओं वाले टोकन की ओर रुख कर रहे हैं।

नियामक और सुरक्षा के लिहाज से विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी बाजार में 24 घंटे कारोबार होता है, जिससे यहाँ अस्थिरता बहुत अधिक रहती है। भारत में भी क्रिप्टो निवेश को लेकर कानूनी ढांचा और कर नीतियां स्पष्ट हैं, जिसके तहत निवेशकों को अपनी आय पर उचित कर देना अनिवार्य है।

Disclaimer-किसी भी निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना और गहन शोध करना आवश्यक है, क्योंकि यहाँ मिनटों में संपत्ति शून्य होने का जोखिम बना रहता है। जीनियस टर्मिनल जैसी सफलताओं के पीछे अक्सर अत्यधिक सट्टा (Speculation) भी हो सकता है, इसलिए छोटे निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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