ICRA economic report FY26 : वित्त वर्ष 2026 में भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने की राह पर है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष देश की GDP वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जिसके पीछे बिजली की मांग में इजाफा, खनन और निर्माण गतिविधियों में विस्तार तथा त्योहारी सीजन के दौरान उपभोक्ता खपत में बढ़ोतरी प्रमुख कारण हैं।

आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में विकास दर 8 प्रतिशत से अधिक रही, लेकिन दूसरी छमाही में वृद्धि दर 7 प्रतिशत से कम रहने की संभावना जताई गई है। इसका मुख्य कारण प्रतिकूल आधार प्रभाव और निर्यात में गिरावट है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि तीसरी तिमाही में अर्थिक गतिविधियों को त्योहारी मांग और ब्याज दर कटौती का लाभ मिला।

वित्त वर्ष 26 में खुदरा महंगाई दर लगभग 2 प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान है, जबकि नवंबर 2025 में यह 0.7 प्रतिशत बढ़ी। इस वृद्धि का मुख्य कारण फूड और बेवरेज में अपस्फीति कम होना बताया गया है। आईसीआरए के अनुसार, बिजली की मांग में 1.5-2 प्रतिशत की वृद्धि रहेगी, वहीं सीमेंट उत्पादन में 6.5-7.5 प्रतिशत और स्टील की मांग में 7-8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि आरबीआई फरवरी 2026 में मौजूदा ब्याज दरों को स्थिर रखेगा और आगे के फैसले बजट, महंगाई और वृद्धि की गतिशीलता के आधार पर लिए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष भारत की अर्थव्यवस्था न केवल मजबूती दिखाएगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी स्थिरता और भरोसेमंद संकेत भेजेगी।

वित्त वर्ष 26 के लिए यह आंकड़े भारत की आर्थिक नीति, औद्योगिक विकास और उपभोक्ता मांग के संतुलन का एक महत्वपूर्ण संकेत हैं। आने वाले वर्षों में यह विकास दर भारत की वैश्विक आर्थिक स्थिति और घरेलू निवेश पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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