भारतीय व्यापार जगत के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने एक बार फिर अपनी वित्तीय शक्ति का लोहा मनवाते हुए वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और अस्थिरता के बावजूद, गौतम अडानी की व्यक्तिगत संपत्ति में आई भारी तेजी ने उन्हें दुनिया के शीर्ष अमीरों की सूची में और ऊपर धकेल दिया है। इस अभूतपूर्व उछाल के साथ वह न केवल माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स से आगे निकल गए हैं, बल्कि उन्होंने 100 अरब डॉलर क्लब में भी अपनी जगह पुनः सुरक्षित कर ली है।

गुरुवार का दिन भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए विशेष रहा। जहां एक ओर शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखा गया, वहीं दूसरी ओर अडानी समूह की कंपनियों के प्रदर्शन ने गौतम अडानी की नेटवर्थ को पंख लगा दिए। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में अडानी की संपत्ति में 7.16 अरब डॉलर का भारी इजाफा दर्ज किया गया। इस वृद्धि के साथ उनकी कुल नेटवर्थ 106 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गई है। संपत्ति में आई इस तेजी ने उन्हें दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में 17वें स्थान पर पहुंचा दिया है।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अडानी ने दिग्गज परोपकारी और तकनीकी विशेषज्ञ बिल गेट्स को पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान में बिल गेट्स की नेटवर्थ 104 अरब डॉलर आंकी गई है, जिसके चलते वह वैश्विक सूची में 18वें पायदान पर खिसक गए हैं। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इस वर्ष गौतम अडानी की किस्मत ने जबरदस्त पलटा खाया है। साल 2024 की शुरुआत से अब तक उनकी संपत्ति में 21.4 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है, जो उनकी व्यावसायिक रणनीतियों और बाजार के विश्वास को दर्शाती है। इसके विपरीत, बिल गेट्स की संपत्ति में इस दौरान 12.7 अरब डॉलर की गिरावट देखी गई है।

अडानी की यह सफलता उन्हें भारत और पूरे एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में मजबूती से स्थापित करती है। उनके प्रतिद्वंद्वी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी की स्थिति पर नजर डालें तो गुरुवार का दिन उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। अंबानी की नेटवर्थ में 1.11 अरब डॉलर की कमी आई, जिससे उनकी कुल संपत्ति 90.2 अरब डॉलर रह गई। इस गिरावट के साथ मुकेश अंबानी विश्व के अमीरों की सूची में 20वें स्थान पर हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष अंबानी की नेटवर्थ में अब तक 17.5 अरब डॉलर की कमी आई है, जो अडानी और अंबानी के बीच के संपत्ति अंतराल को और चौड़ा करती है।

वैश्विक परिदृश्य की बात करें तो शीर्ष 10 अमीरों की सूची में अभी भी अमेरिकी दिग्गजों का दबदबा है। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क 645 अरब डॉलर की भारी-भरकम संपत्ति के साथ पहले स्थान पर काबिज हैं, हालांकि गुरुवार को उन्हें भी 9.89 अरब डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा। उनके बाद लैरी पेज, जेफ बेजोस, और सर्गेई ब्रिन जैसे नाम शामिल हैं। इस सूची में मार्क जकरबर्ग पांचवें और बर्नार्ड आरनॉल्ट नौवें स्थान पर हैं।

गौतम अडानी का 100 अरब डॉलर क्लब में दोबारा प्रवेश करना केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बढ़ रहे निवेशकों के भरोसे का प्रतीक है। जिस प्रकार पिछले कुछ समय में अडानी समूह ने पोर्ट्स, एनर्जी, और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया है, उसका सीधा असर उनकी बाजार पूंजी और व्यक्तिगत नेटवर्थ पर दिखाई दे रहा है। यह घटनाक्रम वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारत के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करता है। आने वाले समय में बाजार की चाल और समूह की विस्तार योजनाएं यह तय करेंगी कि अडानी इस सूची में और कितने पायदान ऊपर चढ़ते हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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