सरकारी फैसले से चमके गैस कंपनियों के शेयर! Adani Total Gas और Gujarat Gas में जोरदार खरीदारी, निवेशकों की चांदी।
घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने के सरकार के नए आदेश के बाद अडाणी टोटल गैस, गुजरात गैस और MGL के शेयरों में 15% तक की तेजी देखी गई। मध्य पूर्व में तनाव के बीच सरकार के 'नेचुरल गैस रेगुलेशन ऑर्डर 2026' का असर बाजार पर साफ दिख रहा है।

Gas company shares shine after government decision
गैस शेयरों में जबरदस्त उछाल: सरकार के एक फैसले ने अडाणी टोटल और गुजरात गैस को बनाया 'रॉकेट'
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में आज जहाँ एक ओर चौतरफा बिकवाली का दबाव दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों के शेयरों में उत्सव जैसा माहौल है। गुरुवार (12 मार्च 2026) की सुबह कारोबार शुरू होते ही अडाणी टोटल गैस (ATGL), गुजरात गैस और महानगर गैस (MGL) के शेयरों में जोरदार लिवाली देखने को मिली।
इस तेजी का सबसे बड़ा कारण केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया कदम और हाल ही में जारी किया गया नया रेगुलेशन ऑर्डर माना जा रहा है।
शेयरों का हाल: अडाणी टोटल गैस ने मारी बाजी
आज के कारोबार में गैस सेक्टर के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया:
- Adani Total Gas Ltd (ATGL): शुरुआती कारोबार में अडाणी टोटल गैस का शेयर 15% की भारी बढ़त के साथ ₹651 पर पहुँच गया। हालांकि बाद में इसमें मामूली मुनाफावसूली देखी गई, लेकिन सुबह 10:00 बजे के करीब भी यह 11.5% की बढ़त के साथ ₹632 के ऊपर बना रहा।
- Gujarat Gas Ltd: इस कंपनी के शेयरों में भी जबरदस्त खरीदारी रही। गुजरात गैस का शेयर 10% से ज्यादा उछलकर ₹432 के स्तर पर पहुँच गया, जबकि इसका पिछला बंद भाव ₹391 था।
- Mahanagar Gas Ltd (MGL): एमजीएल के शेयर में उतार-चढ़ाव दिखा। एक समय यह ₹1,010.10 के साथ अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुँच गया था, लेकिन जल्द ही रिकवरी करते हुए 2% की बढ़त के साथ ₹1,066 के पार निकल गया।
- अन्य शेयर: इंद्रप्रस्थ गैस (IGL) और पेट्रोनेट एलएनजी में भी 1% से 2.5% तक की तेजी दर्ज की गई।
क्यों आई यह अचानक तेजी? (प्रमुख कारण)
बाजार में गैस शेयरों की इस 'रैली' के पीछे कुछ ठोस फैक्ट्स और सरकारी आदेश शामिल हैं:
1. नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर, 2026:
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 9 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत, घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस की आपूर्ति में घरेलू PNG (रसोई गैस) और CNG (परिवहन) को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
2. मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव:
अडाणी टोटल गैस ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। कुछ विदेशी आपूर्तिकर्ताओं ने सप्लाई में कटौती की है। ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा घरेलू गैस को प्राथमिकता देने के फैसले से इन कंपनियों के मार्जिन और सप्लाई चेन को मजबूती मिली है।
3. औद्योगिक और वाणिज्यिक सप्लाई पर स्पष्टता:
कंपनियों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है क्योंकि इससे न केवल घरेलू ग्राहकों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए भी गैस की उपलब्धता को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकेगा। अडाणी टोटल गैस वर्तमान में इस आदेश के प्रभाव का आकलन कर रही है और सप्लाई सुचारू रखने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
बाजार विशेषज्ञों का विश्लेषण
विशेषज्ञों का कहना है कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए कच्चे माल (गैस) की लागत और उसकी उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती होती है। सरकार का नया रेगुलेशन इन कंपनियों के लिए 'सेंटीमेंट बूस्टर' साबित हुआ है। विशेष रूप से गुजरात गैस और अडाणी टोटल जैसी कंपनियों को, जिनका औद्योगिक बेस बड़ा है, इस प्राथमिकता वाले आदेश से अनिश्चितता के माहौल में राहत मिली है।
हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव अभी भी जारी है, जो भविष्य में इन शेयरों की चाल तय करेगा।
आज की तेजी यह दर्शाती है कि नीतिगत फैसले कैसे बाजार की दिशा बदल सकते हैं। जहाँ बाकी सेक्टर दबाव में हैं, वहीं गैस सेक्टर सरकारी सुरक्षा कवच के चलते मजबूती से खड़ा है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे किसी भी तरह की वित्तीय या निवेश सलाह (Financial Advice) न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी छोटा या बड़ा निर्णय लेने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ (Certified Expert) या निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
