भारत के स्टार्टअप परिदृश्य में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने न केवल उद्योग को दिशा दी, बल्कि उपभोक्ताओं की रोज़मर्रा की आदतों को भी बदल दिया। इन्हीं नामों में एक प्रमुख नाम है दीपिंदर गोयल एक ऐसे उद्यमी जिन्होंने साधारण विचार को असाधारण व्यवसाय में बदलकर डिजिटल इंडिया की नई पहचान गढ़ी। फूड डिलीवरी और रेस्टोरेंट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उनकी भूमिका आज एक मिसाल के तौर पर देखी जाती है।

दीपिंदर गोयल का जन्म भारत के हरियाणा राज्य में हुआ। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से गणित और कंप्यूटिंग में स्नातक की पढ़ाई की। शिक्षा के बाद उन्होंने एक बहुराष्ट्रीय कंसल्टिंग कंपनी में काम किया, जहां उन्हें रेस्टोरेंट इंडस्ट्री में सूचना के अभाव और बिखरे डेटा की समस्या का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ। यहीं से एक ऐसे प्लेटफॉर्म का विचार जन्मा, जो रेस्टोरेंट से जुड़ी जानकारी को एक ही स्थान पर उपलब्ध करा सके।

इसी विचार ने आगे चलकर ज़ोमैटो (अब Eternal Ltd.) का रूप लिया। शुरुआत में यह एक साधारण रेस्टोरेंट लिस्टिंग और मेन्यू साझा करने वाला प्लेटफॉर्म था, लेकिन समय के साथ इसने फूड डिलीवरी, रिव्यू सिस्टम, सब्सक्रिप्शन मॉडल और क्लाउड किचन जैसी सेवाओं को जोड़ा। कंपनी ने तेज़ी से विस्तार करते हुए भारत के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

दीपिंदर गोयल की कारोबारी सोच केवल तकनीक तक सीमित नहीं रही। उन्होंने लॉजिस्टिक्स, डेटा एनालिटिक्स और कस्टमर बिहेवियर को समझते हुए कंपनी को एक समग्र फूड-टेक इकोसिस्टम में बदला। उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई अधिग्रहण किए और प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की। सार्वजनिक लिस्टिंग के बाद कंपनी को लेकर निवेशकों और उद्योग जगत की निगाहें और भी तेज़ हो गईं।

जहां तक दीपिंदर गोयल की नेटवर्थ का सवाल है, तो विभिन्न कारोबारी आकलनों के अनुसार उनकी संपत्ति कई हजार करोड़ रुपये के स्तर पर आंकी जाती है। यह संपत्ति मुख्य रूप से कंपनी में उनकी हिस्सेदारी, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और अन्य निवेशों से जुड़ी है। हालांकि, यह आंकड़ा स्थिर नहीं है और बाजार की परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव होता रहता है।

कानूनी और आधिकारिक दृष्टि से देखें तो दीपिंदर गोयल कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियामकीय ढांचे के अंतर्गत कंपनी का संचालन करते हैं। एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी के रूप में Eternal Ltd. पर सेबी और अन्य नियामक संस्थाओं के नियम लागू होते हैं, जिनका पालन कंपनी द्वारा किया जाता है। समय-समय पर कंपनी के वित्तीय नतीजे, शेयरहोल्डिंग पैटर्न और रणनीतिक निर्णय सार्वजनिक किए जाते हैं।

आज दीपिंदर गोयल केवल एक फाउंडर या सीईओ नहीं, बल्कि भारत के नए दौर के उद्यमियों के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सही समय पर सही समस्या को पहचानकर, तकनीक और दृढ़ संकल्प के साथ, वैश्विक स्तर का व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है। फूड-टेक इंडस्ट्री में उनका योगदान आने वाले वर्षों तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता रहेगा।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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