EV कंपनी पर संकट के बादल: CFO के इस्तीफे से हड़कंप; मार्केट कैप ₹9000 करोड़ हुए स्वाहा
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में 40% की भारी गिरावट, जिससे निवेशकों के ₹9,000 करोड़ डूब गए हैं। CFO हरीश अभिचंदानी के इस्तीफे और सॉफ्टबैंक द्वारा हिस्सेदारी घटाने के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹14,500 करोड़ पर आ गया है। जानें क्यों ओला इलेक्ट्रिक के शेयर अपने 52-वीक लो के करीब पहुँच गए हैं और इस संकट के पीछे की मुख्य वजहें क्या हैं।

Ola Electric Stock Crash : भारतीय इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार की दिग्गज कंपनी 'ओला इलेक्ट्रिक' इन दिनों शेयर बाजार में अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। कभी निवेशकों की पहली पसंद रही यह कंपनी अब अनिश्चितता के भंवर में फंसी नजर आ रही है। पिछले तीन महीनों के भीतर कंपनी के शेयरों में करीब 40 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में लगभग 9,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कमी आई है।
शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला :
दलाल स्ट्रीट पर ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों का प्रदर्शन चिंताजनक बना हुआ है। पिछले 14 ट्रेडिंग सत्रों में से 11 दिन कंपनी के शेयर लाल निशान में बंद हुए हैं। वर्तमान में शेयर अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर (₹30.79) के बेहद करीब कारोबार कर रहे हैं। 22 जनवरी 2026 की दोपहर तक शेयर ₹32.99 के आसपास संघर्ष करते दिखे, जो इसके ₹80.75 के उच्च स्तर से कोसों दूर है।
इस्तीफों की झड़ी: शीर्ष नेतृत्व ने छोड़ा साथ
बाजार में इस गिरावट के पीछे की एक मुख्य वजह कंपनी के प्रबंधन में हो रहे लगातार बदलाव हैं। ओला इलेक्ट्रिक के शीर्ष नेतृत्व में मची भगदड़ ने निवेशकों के आत्मविश्वास को हिला दिया है:
CFO का इस्तीफा: कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) हरीश अभिचंदानी ने 19 जनवरी 2026 को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
बिजनेस हेड की विदाई: इससे ठीक पहले दिसंबर में बिजनेस हेड (सेल्स) विशाल चतुर्वेदी ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए कंपनी का साथ छोड़ दिया था। दो महीनों के भीतर दो बड़े अधिकारियों के जाने से कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और आंतरिक स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सॉफ्टबैंक ने भी खींचे हाथ ;
संकट की इस घड़ी में ओला के बड़े संस्थागत निवेशकों ने भी अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू कर दिया है। दिग्गज निवेशक कंपनी SoftBank Group ने बाजार में ओपन मार्केट ऑपरेशन के जरिए करीब 9.46 करोड़ शेयर बेच दिए हैं। सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी अब 15.68 फीसदी से घटकर 13.53 फीसदी रह गई है। बड़े निवेशकों द्वारा बिकवाली को बाजार में एक नकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
