भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में ESAF Small Finance Bank ने एक ऐसी पहचान बनाई है, जो केवल वित्तीय सेवाओं तक सीमित नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के लक्ष्य से भी जुड़ी हुई है। केरल के त्रिशूर मुख्यालय से संचालित यह बैंक आज देश के उन लाखों लोगों तक बैंकिंग सुविधाएँ पहुँचा रहा है, जो लंबे समय तक औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर रहे। छोटे ऋण, बचत खाते और समावेशी बैंकिंग मॉडल के माध्यम से यह संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और प्रभाव दोनों में निरंतर वृद्धि हुई है।

इस बैंक की जड़ें वर्ष 1992 में शुरू हुए एक छोटे से सामाजिक संगठन में मिलती हैं, जब के. पॉल थॉमस ने अपने साथियों के साथ मिलकर ‘Evangelical Social Action Forum’ के रूप में इसकी स्थापना की। उस समय इसका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को आर्थिक सहारा देना था। एक छोटे से घर से शुरू हुई यह पहल धीरे-धीरे माइक्रोफाइनेंस संस्था के रूप में विकसित हुई और 1995 में बिना ब्याज के ऋण प्रदान करने जैसे नवाचारों के साथ देश के शुरुआती माइक्रोफाइनेंस प्रयासों में शामिल हो गई। यही वह आधार था जिसने आगे चलकर इसे व्यापक बैंकिंग संस्थान बनने की दिशा दी।

समय के साथ इस संस्था ने खुद को एक एनबीएफसी-माइक्रोफाइनेंस संस्था के रूप में स्थापित किया और भारतीय रिज़र्व बैंक से लाइसेंस प्राप्त किया। इसके बाद मार्च 2017 में इसे स्मॉल फाइनेंस बैंक के रूप में मान्यता मिली और जनवरी 2018 से इसने औपचारिक बैंकिंग परिचालन शुरू किया। यह उपलब्धि विशेष इसलिए भी रही क्योंकि स्वतंत्रता के बाद केरल को मिला यह पहला बैंकिंग लाइसेंस था। लॉन्च के समय ही यह बैंक 11 राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका था, जहाँ सैकड़ों शाखाओं और हजारों कर्मचारियों के माध्यम से यह सेवा दे रहा था।

शुरुआती वर्षों में ही बैंक ने उल्लेखनीय विस्तार किया। 2018 तक इसकी शाखाओं की संख्या 400 के आसपास पहुँच गई और कर्मचारियों की संख्या 4,000 से अधिक हो गई। इसी अवधि में बैंक ने हजारों करोड़ रुपये के जमा और ऋण पोर्टफोलियो के साथ अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत की। दिसंबर 2018 में इसे अनुसूचित बैंक का दर्जा मिलने से इसकी फंडिंग लागत कम हुई और सेवा विस्तार की क्षमता बढ़ी, जिससे यह और अधिक ग्राहकों तक अपनी पहुँच बना सका। इसके बाद के वर्षों में मुनाफे में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इसकी संचालन क्षमता और भरोसे का संकेत है।

वित्तीय मजबूती की दिशा में आगे बढ़ते हुए बैंक को मार्च 2020 में पूंजी बाजार नियामक से आईपीओ लाने की मंजूरी भी मिली, जिसने इसके विकास को नई गति दी। आज यह बैंक न केवल ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है, बल्कि डिजिटल बैंकिंग और आधुनिक सेवाओं के माध्यम से शहरी ग्राहकों को भी आकर्षित कर रहा है। बचत खाते, ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला के साथ यह संस्था समावेशी बैंकिंग का एक सशक्त उदाहरण बन चुकी है।

ESAF Small Finance Bank की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि एक छोटे सामाजिक प्रयास से शुरू होकर भी कोई संस्था राष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय वित्तीय संस्थान बन सकती है। समाज के कमजोर वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया इसका मॉडल ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है, जिसने इसे न केवल ग्राहकों का भरोसा दिलाया बल्कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान भी प्रदान की।

Pratahkal Bureau

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