मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बाजारों में गुरुवार, 22 जनवरी 2026 की रात एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने निवेशकों और आम जनता की धड़कनें तेज कर दी हैं। वैश्विक अस्थिरता और डॉलर की मजबूती के बीच, भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने आसमान छूते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। रात 10 बजे के अपडेट के अनुसार, कीमती धातुओं के भाव उस स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक असंभव मानी जा रही थी।

बाजार से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 99.50 शुद्धता वाले सोने (10 ग्राम) की कीमत 1,50,600 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है। वहीं, निवेशकों की पहली पसंद माने जाने वाले 99.90 शुद्धता वाले शुद्ध सोने के भाव 1,51,150 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किए गए। सोने की इस 'अग्निपरीक्षा' में न केवल जेवराती सोना बल्कि 116.50 ग्राम के गोल्ड बिस्किट की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है, जो अब निवेश का सबसे महंगा विकल्प बनकर उभरा है।

चांदी की चमक ने तो सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। औद्योगिक मांग और वैश्विक किल्लत के कारण चांदी (1 किलो) का भाव 2,99,900 रुपये तक जा पहुंचा है। यह उछाल केवल एक व्यावसायिक आंकड़ा नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग की पहुंच से दूर होती विलासिता का संकेत है। इसके साथ ही विदेशी मुद्रा बाजार में भी उथल-पुथल जारी रही। अमेरिकी डॉलर 91.62 रुपये पर मजबूती से टिका रहा, जबकि यूरो 107.14 रुपये और ब्रिटिश पाउंड 123.19 रुपये के उच्च स्तर पर कारोबार करते देखे गए।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मुद्राओं के गिरते मूल्य ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेला है। वर्तमान में कीमतों की यह सुनामी न केवल आभूषण विक्रेताओं बल्कि आम खरीदारों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। यदि यही रुझान जारी रहा, तो आगामी वैवाहिक सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी आम आदमी की जेब पर एक बड़ा बोझ साबित हो सकती है।

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Pratahkal Bureau

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