डिस्कॉम का हुआ कायाकल्प; बिजली वितरण कंपनियों ने दर्ज किया ऐतिहासिक मुनाफा
भारतीय बिजली वितरण कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का ऐतिहासिक मुनाफा दर्ज कर घाटे के दौर को समाप्त कर दिया है। विद्युत मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक दशक के नीतिगत सुधारों और पीएम मोदी के नेतृत्व में यह टर्नअराउंड संभव हुआ है। जानें कैसे ₹67,962 करोड़ के घाटे से उबरकर डिस्कॉम ने सफलता की नई कहानी लिखी है।

Electricity Sector Profit FY25 : भारतीय ऊर्जा क्षेत्र के इतिहास में रविवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। दशकों से घाटे की मार झेल रही देश की विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने अपनी वित्तीय स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2,701 करोड़ का सामूहिक शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह उपलब्धि न केवल ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि भारत की आर्थिक महाशक्ति बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम भी मानी जा रही है।
घाटे के भंवर से निकलने की दास्तां :
विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह सुधार किसी चमत्कार से कम नहीं है। राज्य विद्युत बोर्डों के निगमीकरण के बाद से ही ये कंपनियां लगातार वित्तीय संकट से जूझ रही थीं। आंकड़ों की तुलना करें तो इस बदलाव की गहराई स्पष्ट होती है:
- वित्त वर्ष 2013-14: कंपनियों को ₹67,962 करोड़ का भारी-भरकम घाटा हुआ था।
- वित्त वर्ष 2023-24: स्थिति में सुधार हुआ लेकिन फिर भी ₹25,553 करोड़ का घाटा दर्ज किया गया।
- वित्त वर्ष 2024-25: पहली बार घाटे का सिलसिला टूटा और ₹2,701 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (PAT) अर्जित किया गया।
सुधारों की शक्ति और केंद्र का विजन :
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र में किए गए कठोर नीतिगत सुधारों को दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि महज संयोग नहीं, बल्कि पिछले एक दशक से जारी ठोस प्रयासों का परिणाम है। सरकार की 'विकसित भारत' की परिकल्पना में ऊर्जा क्षेत्र को रीढ़ की हड्डी माना गया है, और डिस्कॉम का मुनाफे में आना इसी दिशा में एक बड़ी जीत है।
रणनीतिक संवाद और क्षेत्रीय सम्मेलन :
मंत्रालय ने बताया कि इस कायाकल्प के पीछे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ किया गया निरंतर संवाद सबसे बड़ा हथियार रहा है। वर्ष 2025 के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में देश के पांच प्रमुख केंद्रों में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए गए:
- गंगटोक (पूर्वोत्तर): क्षेत्रीय चुनौतियों का समाधान।
- मुंबई (पश्चिम): वितरण दक्षता पर जोर।
- बेंगलुरु (दक्षिण): तकनीकी आधुनिकीकरण।
- चंडीगढ़ (उत्तर): इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास।
- पटना (पूर्व): राजस्व प्रबंधन में सुधार।
इन सम्मेलनों ने राज्यों के ऊर्जा मंत्रियों के साथ मिलकर नीतिगत अड़चनों को दूर करने और जमीनी स्तर पर सुधार लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
