सस्टेनेबल इनोवेशन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, युवा क्रिएटिव्स को 20,000 यूरो का ग्रांट
स्वारोवस्की फाउंडेशन और यूनाइटेड नेशंस पार्टनरशिप्स ऑफिस के ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ प्रोग्राम के आवेदन शुरू, युवा क्रिएटिव्स को 20,000 यूरो ग्रांट, मेंटरशिप और ट्रेनिंग का मौका मिलेगा।

तस्वीर में सोशल आंत्रप्रेन्योर मोएमेन सोभ एक ऑफिस में टेबल पर रखे डिजाइन प्रोजेक्ट्स और दस्तावेजों के पास खड़े नजर आ रहे हैं।
सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्र में नई सोच और इनोवेशन के साथ काम कर रहे युवा क्रिएटिव लीडर्स के लिए ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ प्रोग्राम के आवेदन शुरू हो गए हैं। स्वारोवस्की फाउंडेशन ने यूनाइटेड नेशंस पार्टनरशिप्स ऑफिस के साथ मिलकर शुरू किए गए इस प्रोग्राम के तहत चुने जाने वाले उम्मीदवारों को 20,000 यूरो का ग्रांट दिया जाएगा। इसके साथ उन्हें ट्रेनिंग, वन-टू-वन मेंटरशिप और इंडस्ट्री से जुड़ने के अवसर भी मिलेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 9 नवंबर, 2026 है।
दिल्ली, 9 सितंबर 2026: ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ प्रोग्राम दुनियाभर में सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में काम कर रहे 21 से 30 वर्ष की उम्र के युवा क्रिएटिव्स के लिए है। फैशन, डिजाइन, आर्ट, आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग सहित अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले युवा इसमें आवेदन कर सकते हैं।
आवेदकों को ऐसे ओरिजिनल प्रोजेक्ट या प्रोडक्ट पर काम करना चाहिए, जिसमें क्रिएटिव सोच के जरिए सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने, जागरूकता बढ़ाने या नई टेक्नोलॉजी और सॉल्यूशन तैयार करने का प्रयास किया जा रहा हो। साथ ही, उनका प्रोजेक्ट यूनाइटेड नेशंस के तय किए गए सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता हो।
इस प्रोग्राम के तहत अब तक युवा क्रिएटिव्स के 27 इनोवेटिव डिजाइन प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट किया जा चुका है। इन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत ऐसे युवाओं ने की है, जिनके पास दुनिया के सस्टेनेबिलिटी और डेवलपमेंट से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए नई और अलग सोच है। प्रोग्राम के जरिए इन युवाओं को अपने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और बड़े स्तर पर ले जाने में मदद मिली है। इसके लिए उन्हें रिसर्च आगे बढ़ाने के लिए फंडिंग के साथ मेंटरशिप और नेटवर्किंग के अवसर भी दिए गए हैं, ताकि वे अपने प्रोजेक्ट्स को नई दिशा दे सकें।
प्रोग्राम से जुड़े पिछले विजेताओं का कहना है कि इसने उनके काम को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
डिजाइनर और इनोवेटर ऑरेली फोंटान ने ‘रीजन इंक’ की शुरुआत की है। यह एक रीजेनेरेटिव कलर सिस्टम है, जो प्रदूषित जमीन को टेक्सटाइल प्रिंटिंग के लिए प्राकृतिक रंगों का स्रोत बनाने का काम करता है। उनका कहना है कि डाई इंडस्ट्री में हानिकारक पेट्रोकेमिकल्स और ज्यादा पानी इस्तेमाल करने वाली प्रक्रियाओं की जगह ऐसे तरीकों की जरूरत है, जो प्रकृति की मिट्टी को साफ करने की क्षमता का इस्तेमाल करें और साथ ही सुंदर व सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स तैयार करें।
ऑरेली फोंटान के मुताबिक, स्वारोवस्की फाउंडेशन के ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ प्रोग्राम से मिली मदद के जरिए वह अपनी रिसर्च को लैब स्तर से आगे बढ़ाकर वास्तविक मैन्युफैक्चरिंग पायलट तक ले गई हैं। फिलहाल वह ‘द लेवल कलेक्टिव’ और ‘हैली स्टीवंसन्स’ के साथ मिलकर यूके का पहला पूरी तरह प्लांट-बेस्ड और प्लांट-प्रिंटेड बैकपैक तैयार कर रही हैं।
आर्किटेक्ट मंगेश कुरुंद बायो-इंटीग्रेटेड डिजाइन पर काम करते हैं और काइनेटिक आर्किटेक्चरल फसाड के लिए बायोरिसेप्टिव मटेरियल तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि सस्टेनेबल और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने के लिए कार्बन का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले पारंपरिक मटेरियल से आगे बढ़ना होगा। ऐसे मटेरियल तलाशने होंगे, जो इमारतों की थर्मल परफॉर्मेंस बेहतर करने के साथ-साथ पर्यावरण को फिर से बेहतर बनाने में भी मदद कर सकें।
मंगेश कुरुंद के अनुसार, स्वारोवस्की फाउंडेशन के ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ प्रोग्राम ने उनके बायोरिसेप्टिव मटेरियल को आगे बढ़ाने में मदद की है। इसके तहत उन्होंने सफल प्रोटोटाइप तैयार किए और थर्मल टेस्टिंग की। साथ ही, इंडस्ट्री से जुड़े जरूरी संबंध बनाने और इस मटेरियल को मौजूदा फसाड सिस्टम में इस्तेमाल करने के तरीकों पर भी काम किया।
प्रोटोटाइप की टेस्टिंग में खास परिस्थितियों में पारंपरिक मटेरियल की तुलना में सतह के तापमान में 20 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखने को मिली है। अब मंगेश कुरुंद इस रिसर्च को मटेरियल स्तर के प्रोटोटाइप से आगे बढ़ाकर पायलट स्तर के फसाड डेमोंस्ट्रेशन तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि वास्तविक आर्किटेक्चरल और पर्यावरणीय परिस्थितियों में इसके प्रदर्शन को परखा जा सके।
सोशल आंत्रप्रेन्योर मोएमेन सोभ सस्टेनेबल टेक्सटाइल-बेस्ड शेडिंग सिस्टम और अलग-अलग इंडस्ट्री में इस्तेमाल किए जा सकने वाले डिजिटल प्रोडक्ट पासपोर्ट पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि दुनियाभर की सप्लाई चेन में पारदर्शिता बढ़ाकर और जरूरतमंद समुदायों तक सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाकर बढ़ती गर्मी के असर को कम किया जा सकता है। साथ ही, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक सर्कुलर और डेटा-बेस्ड तरीका अपनाया जा सकता है।
मोएमेन सोभ के मुताबिक, स्वारोवस्की फाउंडेशन के ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ प्रोग्राम ने उनके शुरुआती फैशन-केंद्रित डिजिटल प्रोडक्ट पासपोर्ट को कई इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले टूल के रूप में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इसमें कार्बन उत्सर्जन के लाइफ साइकल असेसमेंट को शामिल किया गया है। इसके साथ उन्होंने अपनी टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी को भी बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया है, ताकि दुनियाभर में रिफ्यूजी समुदायों के लिए जरूरी कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा सके।
स्वारोवस्की फाउंडेशन में क्रिएटिविटी की हेड माइका नाकाओका ने कहा कि वर्ष 2021 में यूनाइटेड नेशंस पार्टनरशिप्स ऑफिस के साथ मिलकर ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ शुरू करने के बाद से ही नए क्रिएटिव्स को सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों के तौर पर सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्धता बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वजह से बढ़ी चुनौतियों को दूर करने की कोशिश के तौर पर शुरू हुआ यह प्रोग्राम अब इनोवेटर्स और बदलाव लाने वाले लोगों की एक मजबूत कम्युनिटी बन चुका है। यह कम्युनिटी क्रिएटिविटी की ताकत के जरिए सामाजिक और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के नए समाधान पर काम कर रही है।
माइका नाकाओका के अनुसार, प्रोग्राम को 92 देशों से 2,000 से ज्यादा आवेदन मिले हैं और पाँच साइकल में 27 लोगों को सपोर्ट किया गया है। उनके मुताबिक, यह प्रोग्राम दिखाता है कि सस्टेनेबल डेवलपमेंट और सकारात्मक बदलाव लाने में क्रिएटिविटी कितनी बड़ी भूमिका निभा सकती है।
यूनाइटेड नेशंस पार्टनरशिप्स ऑफिस में चीफ ऑफ ऑपरेशंस लूसी ब्रिघम ने कहा कि डिजाइन में ऐसी क्षमता है कि वह बड़े और साहसिक विचारों को इनोवेटिव, सस्टेनेबल और सभी को साथ लेकर चलने वाले सॉल्यूशन में बदल सकता है। उन्होंने कहा कि ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ के जरिए नई पीढ़ी के क्रिएटिव लीडर्स को सपोर्ट करने पर गर्व है, जो अपनी प्रतिभा के जरिए न सिर्फ बेहतर भविष्य की कल्पना कर रहे हैं, बल्कि उसे बनाने में सक्रिय रूप से योगदान भी दे रहे हैं।
इस तरह ‘क्रिएटिव्स फॉर अवर फ्यूचर’ प्रोग्राम युवा क्रिएटिव्स को आर्थिक सहायता के साथ ट्रेनिंग, व्यक्तिगत मेंटरशिप और इंडस्ट्री नेटवर्किंग का अवसर देकर सस्टेनेबल डेवलपमेंट से जुड़े उनके प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने का मंच उपलब्ध करा रहा है। 9 नवंबर, 2026 तक आवेदन की प्रक्रिया जारी रहेगी।

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