LPG PNG supply 100 percent assurance India : केंद्र सरकार ने बुधवार को देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की घबराहट या चिंता की आवश्यकता नहीं है। वैश्विक अनिश्चितताओं और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक साझा मोर्चा संभालते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा को अभेद्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। सरकार का यह आश्वासन न केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए है, बल्कि उद्योगों की निरंतरता बनाए रखने के लिए भी एक बड़े सुरक्षा कवच के रूप में उभरा है।

आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कई अभूतपूर्व प्रशासनिक राहतें दी हैं, जिनमें केरोसिन भंडारण की सीमा बढ़ाना और एलपीजी अनलोडिंग की प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है। अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए, गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 94 प्रतिशत तक 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) सिस्टम लागू कर दिया गया है, जिसने कालाबाजारी और वितरण में होने वाली अनियमितताओं पर पूरी तरह लगाम लगा दी है। विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडरों (FTL) की आपूर्ति को दोगुना कर दिया गया है, जिसकी बिक्री मार्च 2026 से अब तक 20 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।

ऊर्जा के भविष्य को पाइपलाइन से जोड़ने की कवायद भी युद्ध स्तर पर जारी है। पाइप नेचुरल गैस (PNG) के क्षेत्र में सरकार ने एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है, जिसके तहत मार्च 2026 से अब तक 5.10 लाख नए कनेक्शन सफलतापूर्वक चालू किए जा चुके हैं। बुनियादी ढांचे की मजबूती का आलम यह है कि 2.56 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए लाइनें बिछाई जा चुकी हैं और करीब 5.77 लाख लोग पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं। सरकार न केवल पीएनजी अपनाने के लिए आकर्षक ऑफर दे रही है, बल्कि राज्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रक्रिया को सुगम और त्वरित बनाएं ताकि पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके।

केवल घरेलू मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सरकार की सक्रियता का असर दिखने लगा है। विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए विदेश मंत्रालय ने 28 फरवरी से अब तक करीब 11.91 लाख यात्रियों की सुरक्षित घर वापसी कराई है। समुद्री रास्तों पर भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए नौसेना और दूतावास चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ है, जो 31 भारतीय नाविकों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर आज मुंबई पहुँच रहा है। केंद्र सरकार की यह समग्र रणनीति स्पष्ट करती है कि भारत न केवल अपनी आंतरिक ऊर्जा मांग को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि वैश्विक संकट के समय अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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