पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत? BPCL ने जुलाई तक के लिए बुक किया कच्चा तेल
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत पेट्रोलियम ने घरेलू ईंधन की कीमतें स्थिर रखने के लिए रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी बढ़ाकर 41 फीसदी की।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित होने के बीच भारत में एक पेट्रोल पंप स्टेशन पर गाड़ी के फ्यूल टैंक में ईंधन भरता हुआ कर्मचारी।
BPCL Russian Crude Oil Import 2026 : पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश की दिग्गज ऊर्जा कंपनी भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (बीपीसीएल) ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक अभूतपूर्व कूटनीतिक और व्यापारिक सफलता हासिल की है। लाल सागर और स्वेज नहर के व्यापारिक मार्गों पर जारी भारी तनाव के बावजूद बीपीसीएल ने न केवल अपने तेल आयात को सुरक्षित रखा है, बल्कि आगामी जुलाई 2026 तक के लिए कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति की पक्की व्यवस्था भी कर ली है। कंपनी ने अपनी रणनीतिक दूरदर्शिता का परिचय देते हुए संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपनी निर्भरता को घटाकर रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। इस रणनीतिक फेरबदल के कारण भारतीय बाजारों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर वैश्विक मंदी या युद्ध का सीधा असर पड़ने का खतरा लगभग समाप्त हो गया है।
इस पूरे कमर्शियल रोडमैप और रणनीतिक सफलता का विवरण साझा करते हुए बीपीसीएल के वित्त निदेशक वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया से होने वाली परंपरागत आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुए अवरोधों के कारण कंपनी ने स्पॉट मार्केट के जरिए रूसी कच्चे तेल के आयात को तेजी से बढ़ाया है, जो अब कुल आयात का लगभग 40 से 41 प्रतिशत के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी के आयात ढांचे में आया यह बदलाव बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में रूसी तेल की हिस्सेदारी महज 31 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में सिर्फ 25 प्रतिशत थी। इस प्रकार बेहद कम समय में मॉस्को से तेल की खरीद को बढ़ाकर बीपीसीएल ने भारतीय उपभोक्ताओं के लिए घरेलू ईंधन की कीमतों को पूरी तरह स्थिर बनाए रखने का मजबूत आधार तैयार कर लिया है।
किसी भी संभावित वैश्विक प्रतिबंध या संकट से अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए भारत पेट्रोलियम ने अपने कच्चे तेल के स्रोतों में बड़ा विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) किया है। ऊर्जा कूटनीति के तहत कंपनी ने वैश्विक बाजार से अमेरिका, वेनेजुएला, ब्राजील और अंगोला सहित कई प्रमुख तेल उत्पादक राष्ट्रों से आठ नए क्रूड ग्रेड को अपने व्यापारिक बास्केट में शामिल किया है। वित्त निदेशक के अनुसार, इस विविधता का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भारतीय रिफाइनरियां अब किसी एक भौगोलिक क्षेत्र या देश के कूटनीतिक फैसलों की मोहताज नहीं रहेंगी। बीपीसीएल की रिफाइनरियों को आधुनिक तकनीक के जरिए इस प्रकार अपग्रेड किया गया है कि वे बेहद जटिल और कई अलग-अलग प्रकार के कच्चे तेल को आसानी से प्रोसेस कर उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन में तब्दील कर सकती हैं, जो देश के औद्योगिक विकास के लिए जीवन रेखा के समान है।
वैधानिक और अंतरराष्ट्रीय नियमों के मोर्चे पर भी बीपीसीएल ने पूरी सतर्कता बरती है। कंपनी प्रबंधन ने साफ किया है कि रूसी कच्चे तेल के व्यापार पर वैश्विक स्तर पर सीधे कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं लागू हैं और भारतीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में रहकर ही पूरी तरह गैर-प्रतिबंधित संस्थाओं के साथ पारदर्शिता से कारोबार कर रही हैं। इसके समानांतर, कंपनी ने अपनी रिफाइनिंग क्षमता और बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 25,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 20,400 करोड़ रुपये के बजट से काफी अधिक है। यह भारी निवेश देश के भीतर भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा और रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरतों को कानूनी और रणनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा।
इस दूरदर्शी नीति का सीधा और सकारात्मक असर कंपनी के वित्तीय नतीजों और शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। बीपीसीएल ने चौथी तिमाही में 28 प्रतिशत की शानदार उछाल के साथ 5,624.54 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) दर्ज किया है, जबकि इस अवधि में कंपनी की कुल आय भी 6.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1.35 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। वित्तीय सेहत में सुधार की इस खबर के सामने आते ही बुधवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर भारत पेट्रोलियम के शेयर 2.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 293 रुपये पर बंद हुए। कंपनी का यह प्रदर्शन यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि वैश्विक चुनौतियों को कूटनीतिक अवसरों में बदलकर भारत की ऊर्जा कंपनियां न केवल देश के घरेलू हितों की रक्षा कर रही हैं, बल्कि वित्तीय मोर्चे पर भी दुनिया को अपनी ताकत का लोहा मनवा रही हैं।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
