ईरान युद्ध और कच्चे तेल की तेजी से सहमा बाजार, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा

नई दिल्ली | 6 मार्च 2026

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का शुक्रवार 'ब्लैक फ्राइडे' साबित हो रहा है। गुरुवार की मामूली रिकवरी के बाद, शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों को तगड़ा झटका लगा। ईरान में जारी युद्ध के गहराने और खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारतीय दलाल स्ट्रीट पर भी काले बादल मंडरा दिए हैं।

बाजार की ताजा स्थिति (सुबह 10:00 बजे का हाल)

सुबह 10 बजे के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं:

  • Nifty 50: 0.48% या 119.35 अंकों की गिरावट के साथ 24,646.55 पर ट्रेड कर रहा है।
  • Sensex: 0.54% या 431.98 अंकों की भारी गिरावट के साथ 79,583.92 के स्तर पर पहुंच गया है।

बाजार में यह 'गैप-डाउन' ओपनिंग अमेरिकी बाजारों से मिले खराब संकेतों के कारण हुई है।

क्यों टूटा बाजार? 3 मुख्य कारण

1. ईरान युद्ध और खाड़ी संकट:

ईरान में चल रहा संघर्ष कम होने के बजाय अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया है। इस युद्ध ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला (Global Oil Supply Chain) को बुरी तरह प्रभावित किया है। निवेशकों को डर है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो दुनिया भर में महंगाई का एक नया दौर शुरू हो सकता है।

2. डाउ जोन्स (Dow Jones) में भारी बिकवाली:

बीती रात अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.6% यानी करीब 785 अंक टूटकर बंद हुआ। वहीं, S&P 500 में 0.6% और नैस्डैक में 0.3% की गिरावट रही। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा, जो सुबह 0.7% की गिरावट के साथ खुले।

3. कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग:

युद्ध के कारण तेल की कीमतें बेलगाम हो गई हैं। वैश्विक बेंचमार्क 'ब्रेंट क्रूड' $85 प्रति बैरल के पार निकल गया है। वहीं, अमेरिकी क्रूड (US Crude) में 8.5% की भारी उछाल देखी गई, जो अब $81.01 प्रति बैरल पर है। यह जुलाई 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है और 2020 के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय छलांग है।

Stocks to Watch: आज किन शेयरों पर रहेगी नज़र?

बाजार की इस उठापटक के बीच कुछ खास सेक्टर और शेयरों में भारी हलचल की उम्मीद है:

  • ऑयल एंड गैस स्टॉक्स: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), ONGC और OIL India जैसे शेयरों पर निवेशकों की पैनी नज़र रहेगी।
  • पेंट और टायर स्टॉक्स: कच्चा तेल महंगा होने से पेंट और टायर कंपनियों की लागत बढ़ती है, जिससे एशियाई पेंट्स और एमआरएफ (MRF) जैसे शेयरों में दबाव देखा जा सकता है।
  • आईटी सेक्टर: अमेरिकी बाजारों में मंदी के डर से इंफोसिस और टीसीएस (TCS) जैसे बड़े आईटी स्टॉक्स में अस्थिरता बनी रह सकती है।
  • बैंकिंग स्टॉक्स: एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में गिरावट ने आज सेंसेक्स को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई है।

विशेषज्ञों की राय और आगे की राह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक ईरान और खाड़ी क्षेत्र से युद्ध विराम या तनाव कम होने की खबरें नहीं आतीं, तब तक बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी। कच्चे तेल का $80 के ऊपर टिके रहना भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राजकोषीय चिंता का विषय है।

निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस गिरावट में जल्दबाजी में खरीदारी न करें और बाजार के संभलने का इंतजार करें। फिलहाल 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की रणनीति अपनाना ही समझदारी हो सकती है।


डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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