BHIM की ऐतिहासिक छलांग: मासिक लेनदेन में 300% का उछाल, डिजिटल इंडिया की नई पहचान
भारत के स्वदेशी भीम ऐप ने 2025 में रचा इतिहास! मासिक लेनदेन में 300% की भारी वृद्धि और 165 मिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल भुगतान में जनता का भरोसा बढ़ा। दिल्ली प्रमुख मार्केट बनकर उभरा, जबकि P2P और किराना क्षेत्र में दिखा सबसे अधिक उछाल। जानिए कैसे सरल इंटरफेस और सुरक्षा ने बनाया भीम को नंबर 1 पसंद।

BHIM App Transaction Record : भारत के डिजिटल वित्तीय परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। स्वदेशी भुगतान प्लेटफॉर्म 'भीम' (BHIM) ने साल 2025 में सफलता की एक ऐसी पटकथा लिखी है, जिसने बाजार के बड़े दिग्गजों को भी चौंका दिया है। एनपीसीआई (NPCI) भीम सर्विसेज लिमिटेड द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, आम जनता का भरोसा इस सरकारी ऐप पर इस कदर बढ़ा है कि इसके मासिक लेनदेन में 300 प्रतिशत की रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़ों की जुबानी: एक साल में बदला डिजिटल नक्शा
साल 2025 की शुरुआत में जहाँ भीम ऐप के जरिए होने वाले मासिक लेनदेन की संख्या महज 38.97 मिलियन थी, वहीं दिसंबर 2025 तक यह आंकड़ा जादुई रफ्तार से बढ़कर 165.1 मिलियन के पार पहुँच गया। यह वृद्धि केवल लेनदेन की संख्या तक सीमित नहीं रही, बल्कि लेनदेन के कुल मूल्य में भी 120 प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया। दिसंबर 2025 में भीम ऐप के माध्यम से होने वाले कुल ट्रांजैक्शन की वैल्यू 20,854 करोड़ रुपये को पार कर गई, जो इसकी बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है।
- उपभोक्ताओं की पसंद: किराना से लेकर फास्ट फूड तक का दबदबा
- भीम ऐप के बढ़ते उपयोग के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल बड़े भुगतानों के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारतीयों की पहली पसंद बन गया है।
- पीयर-टू-पीयर (P2P): कुल लेनदेन में 28% की सबसे बड़ी हिस्सेदारी।
- किराना खरीदारी: 18% हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर।
- अन्य क्षेत्र: फास्ट फूड आउटलेट्स (7%), भोजनालय (6%), दूरसंचार (4%) और सर्विस स्टेशन (3%)।
विशेष रूप से देश की राजधानी दिल्ली भीम ऐप के लिए एक प्रमुख बाजार बनकर उभरी है। दिल्ली में छोटी राशि के बार-बार होने वाले भुगतानों ने इस ऐप की सक्रियता को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है।
सफलता के पीछे की रणनीति: सरल इंटरफेस और कैशबैक
विशेषज्ञों का मानना है कि भीम ऐप की इस सफलता के पीछे इसका 'सरल और यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस' है। इसके अलावा, एनपीसीआई द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले कैशबैक ऑफर्स ने नए उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने में उत्प्रेरक का काम किया है। अब लोग इसे निजी पेमेंट ऐप्स के मुकाबले एक सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
आधिकारिक दृष्टिकोण: "हर क्षेत्र के लिए सुलभ भुगतान"
एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड की प्रबंध निदेशक और सीईओ ललिता नटराज ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा: "भीम पेमेंट्स ऐप को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले दूरस्थ क्षेत्रों में भी सुरक्षित और सुलभ रहे। हमारा लक्ष्य डिजिटल भुगतान को हर नागरिक की पहुँच में लाना है, और 2025 के आंकड़े बताते हैं कि हम सही दिशा में हैं।"

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
