भारत टैक्सी का धमाका: ₹500 में जुड़ें और 3 साल बाद बनें मालिक, जानें अमित शाह का 'जीरो कमीशन' प्लान।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में 'सार्थी संवाद' के दौरान भारत टैक्सी के स्वामित्व मॉडल की जानकारी दी। ₹500 के रजिस्ट्रेशन के साथ ड्राइवर 3 साल बाद लाभ में 80% हिस्सेदार बन सकेंगे। जानें इस को-ऑपरेटिव मॉडल के फायदे और विस्तार योजना।

Amit Shah's Zero Commission plan
भारत टैक्सी मॉडल: ड्राइवरों के सशक्तिकरण और स्वावलंबन की नई मिसाल
भारत के परिवहन क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। दिल्ली में आयोजित 'सार्थी संवाद' कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) के अनूठे मालिकाना मॉडल (Ownership Model) की विस्तार से चर्चा की। 5 फरवरी 2026 को लॉन्च किया गया यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक कैब एग्रीगेटर्स जैसे ओला और उबर के मुकाबले ड्राइवरों को अधिक सम्मान और आर्थिक लाभ देने का वादा करता है।
क्या है भारत टैक्सी का स्वामित्व मॉडल?
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी केवल एक ऐप नहीं है, बल्कि एक सहकारी (Cooperative) आंदोलन है। इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ड्राइवरों को केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि भविष्य का भागीदार माना गया है।
- रजिस्ट्रेशन: कोई भी ड्राइवर मात्र ₹500 देकर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकता है।
- शुरुआती तीन साल: ज्वाइन करने के बाद पहले तीन वर्षों तक ड्राइवरों को एक निश्चित वेतन (Fixed Pay) दिया जाएगा, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति स्थिर बनी रहे।
- 80% मुनाफे की हिस्सेदारी: तीन साल पूरे होने के बाद, ड्राइवर द्वारा तय किए गए किलोमीटर के आधार पर उसे प्लेटफॉर्म के होने वाले मुनाफे में 80% का हिस्सेदार बना दिया जाएगा।
यह मॉडल ड्राइवरों को लंबे समय में अपनी टैक्सी या वाहन का वास्तविक मालिक बनाने की दिशा में काम करता है।
जीरो कमीशन और सुरक्षा के फीचर्स
पारंपरिक कैब कंपनियां ड्राइवरों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा (कमीशन के रूप में) काट लेती हैं। इसके विपरीत, भारत टैक्सी 'जीरो कमीशन' मॉडल पर काम करता है क्योंकि यह सहकारी समितियों द्वारा समर्थित है।
इस ऐप में केवल कैब ही नहीं, बल्कि ऑटो और बाइक टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध है। ड्राइवरों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं। इसके अलावा, इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले ड्राइवरों को स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ भी दिए जा रहे हैं।
अब तक की सफलता के आंकड़े
भारत टैक्सी ने अपनी शुरुआत के कुछ ही हफ्तों में बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- इस ऐप को अब तक 10 लाख (1 Million) से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।
- दिल्ली-एनसीआर और गुजरात जैसे क्षेत्रों में अब तक 2,90,000 से ज्यादा राइड्स पूरी की जा चुकी हैं।
- ड्राइवरों के बीच इस मॉडल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि उन्हें अब अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा कंपनियों को नहीं देना पड़ रहा है।
यात्रियों के लिए चुनौती: किराया और प्रतिस्पर्धा
जहाँ एक ओर ड्राइवर इस मॉडल की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ यात्रियों ने किराए को लेकर चिंता जताई है। बाजार में मौजूद अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारत टैक्सी का किराया कहीं-कहीं अधिक देखा गया है।
उदाहरण के तौर पर, दिल्ली में 10 किलोमीटर की ऑटो यात्रा के लिए जहां अन्य ऐप ₹130 के आसपास चार्ज कर रहे हैं, वहीं भारत टैक्सी पर यह किराया लगभग ₹210 तक देखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चूँकि यह मॉडल ड्राइवरों को बेहतर आय सुनिश्चित करता है, इसलिए किराए में यह अंतर दिख रहा है। हालांकि, आने वाले समय में जैसे-जैसे प्लेटफॉर्म का विस्तार होगा, इसमें और अधिक संतुलन आने की उम्मीद है।
2029 तक पूरे भारत में विस्तार का लक्ष्य
अमित शाह ने सार्थी संवाद में साझा किया कि सरकार और संबंधित सहकारी समितियों का लक्ष्य बहुत बड़ा है। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में सफल परीक्षण के बाद, इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जाएगा। योजना यह है कि साल 2029 तक भारत टैक्सी देश के हर छोटे-बड़े शहर में अपनी सेवाएं प्रदान करे, ताकि विदेशी कैब कंपनियों के एकाधिकार को समाप्त किया जा सके और भारतीय ड्राइवरों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
'भारत टैक्सी' मॉडल भारत के परिवहन क्षेत्र में 'सहकार से समृद्धि' के मंत्र को साकार करने की एक बड़ी कोशिश है। ड्राइवरों को मुनाफे में हिस्सेदार बनाना और उन्हें शोषण से बचाना इस योजना का मूल केंद्र है। हालांकि यात्रियों के लिए किराए की प्रतिस्पर्धा एक चुनौती हो सकती है, लेकिन सामाजिक सुरक्षा और ड्राइवर कल्याण के नजरिए से यह एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।

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