नई दिल्ली: बैंक एफडी यानी फिक्स्ड डिपॉजिट को आमतौर पर तय ब्याज दर और निश्चित अवधि वाली बचत योजना के रूप में देखा जाता है। इसमें ग्राहक एक तय अवधि के लिए एकमुश्त राशि जमा करता है। अवधि पूरी होने पर बैंक तय नियमों के अनुसार जमा राशि के साथ ब्याज देता है।

अलग-अलग बैंक अपनी एफडी पर अलग-अलग ब्याज दरें देते हैं। आम तौर पर बैंक एफडी पर ब्याज दर 6 फीसदी से 7.50 फीसदी के बीच हो सकती है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ एफडी पर ब्याज दर 8 फीसदी से 8.50 फीसदी तक हो सकती है। ब्याज दर बैंक, अवधि और ग्राहक की पात्रता के अनुसार अलग हो सकती है।

यहां पांच बैंकों की एक साल की एफडी पर दी जाने वाली ब्याज दरों की जानकारी दी गई है। साथ ही, यह भी बताया गया है कि अगर इन दरों पर 10,000 रुपये एक साल के लिए जमा किए जाएं, तो उपलब्ध जानकारी के अनुसार राशि कितनी हो सकती है।

बंधन बैंक एक साल की एफडी पर 7 फीसदी ब्याज देता है। यदि 10,000 रुपये एक साल के लिए इस दर पर जमा किए जाते हैं, तो खबर में दिए गए हिसाब के अनुसार यह राशि अवधि पूरी होने पर 10,719 रुपये हो सकती है।

आरबीएल बैंक पात्र ग्राहकों को एक साल की एफडी पर 7 फीसदी ब्याज देता है। इस दर के आधार पर 10,000 रुपये की एक साल की एफडी पर मिलने वाली राशि की गणना बैंक के लागू एफडी नियमों के अनुसार होगी।

इंडसइंड बैंक एक साल की एफडी पर 6.9 फीसदी ब्याज देता है। 10,000 रुपये की जमा राशि पर एक साल के लिए लागू ब्याज इसी दर के अनुसार निर्धारित होगा।

जम्मू एवं कश्मीर बैंक एक साल की एफडी पर 6.8 फीसदी ब्याज देता है। इस दर पर 10,000 रुपये की जमा राशि पर एक साल की अवधि के बाद मिलने वाला रिटर्न बैंक के एफडी नियमों के अनुसार होगा।

सिटी यूनियन बैंक पात्र ग्राहकों को एक साल की एफडी पर 6.7 फीसदी ब्याज देता है। खबर में दिए गए हिसाब के अनुसार, 10,000 रुपये एक साल बाद 10,682 रुपये हो सकते हैं।

इस तरह इन पांच बैंकों में एक साल की एफडी के लिए दी गई ब्याज दरें 6.7 फीसदी से 7 फीसदी के बीच हैं। इनमें बंधन बैंक और आरबीएल बैंक की बताई गई ब्याज दर 7 फीसदी है, जबकि इंडसइंड बैंक की दर 6.9 फीसदी, जम्मू एवं कश्मीर बैंक की 6.8 फीसदी और सिटी यूनियन बैंक की 6.7 फीसदी है।

एफडी में निवेश करने से पहले संबंधित बैंक की लागू ब्याज दर, अवधि, पात्रता और एफडी के नियमों की जानकारी देखना जरूरी है। एफडी की ब्याज दरें बैंक के नियमों के अनुसार बदल सकती हैं। साथ ही, वास्तविक मैच्योरिटी राशि बैंक द्वारा लागू ब्याज गणना और एफडी की शर्तों पर निर्भर करेगी।

इसलिए केवल ब्याज दर देखकर एफडी चुनने के बजाय संबंधित बैंक से मौजूदा दर और मैच्योरिटी राशि की पुष्टि करना चाहिए। यहां दी गई जानकारी में उन्हीं पांच बैंकों की एक साल की एफडी दरों को शामिल किया गया है, जिनका उल्लेख उपलब्ध मूल विवरण में किया गया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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