Bank of India FD interest rates hike : बैंकिंग सेक्टर में जहां एक ओर ब्याज दरों में कटौती का दौर चल रहा है, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख ऋणदाता 'बैंक ऑफ इंडिया' (BOI) ने एक चौंकाने वाला और ग्राहकों के लिए बेहद लाभकारी निर्णय लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा फरवरी 2025 से रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की भारी कटौती के बाद, जब अधिकांश वित्तीय संस्थान अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों को कम कर निवेशकों को निराश कर रहे थे, तब बैंक ऑफ इंडिया ने इसके ठीक विपरीत कदम उठाया है। बैंक ने मध्यम और लंबी अवधि की चुनिंदा सावधि जमा राशियों पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल है।

यह नई दरें 3 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट पर लागू की गई हैं और इन्हें आज यानी 18 मई, 2026 से प्रभावी कर दिया गया है। बैंक के इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य उन जमाकर्ताओं को आकर्षित करना है जो सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं। संशोधित दरों के अनुसार, सामान्य नागरिकों के लिए एक साल से दो साल तक की एफडी पर अब 6.50 प्रतिशत ब्याज मिलेगा, जबकि दो से तीन साल की अवधि के लिए इसे 6.60 प्रतिशत कर दिया गया है। विशेष रूप से तीन साल की एफडी पर बैंक अब 6.70 प्रतिशत की दर से आकर्षक रिटर्न प्रदान कर रहा है।

वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह खबर और भी बड़ी सौगात लेकर आई है। बैंक ने सामाजिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त ब्याज लाभ को बरकरार रखा है। 60 से 80 वर्ष की आयु के वरिष्ठ नागरिकों को तीन साल की एफडी पर अब 7.45 प्रतिशत का शानदार ब्याज मिलेगा, वहीं 80 वर्ष से अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह दर 7.60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह दरें वर्तमान बाजार परिस्थितियों को देखते हुए देश की सबसे प्रतिस्पर्धी दरों में से एक मानी जा रही हैं।

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक ऑफ इंडिया का यह निर्णय न केवल बैंक की लिक्विडिटी को मजबूत करेगा, बल्कि बाजार में एक सकारात्मक प्रतिस्पर्धा भी पैदा करेगा। ऐसे समय में जब मुद्रास्फीति और गिरती ब्याज दरों ने आम आदमी की बचत को प्रभावित किया है, एक सरकारी बैंक द्वारा ब्याज बढ़ाना सुरक्षित भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है। यह बदलाव उन लाखों छोटे निवेशकों के लिए संजीवनी के समान है जो अपनी गाढ़ी कमाई के लिए पूरी तरह से बैंक ब्याज पर निर्भर हैं। बैंक का यह कदम सीधे तौर पर देश के बचत ढांचे को मजबूती प्रदान करने वाला साबित होगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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