भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकिंग परिदृश्य में बैंक ऑफ बड़ौदा आज एक मजबूत और भरोसेमंद संस्थान के रूप में स्थापित है, जिसने घरेलू सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक वित्तीय जगत में भी अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई है। देश के प्रमुख बैंकों में शामिल यह बैंक, संपत्ति, ग्राहक आधार और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिहाज से भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक माना जाता है। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार फोर्ब्स ग्लोबल 2000 सूची में इसकी रैंकिंग 455 रही, जो इसकी वैश्विक साख और वित्तीय स्थिरता का प्रमाण है।

इस मजबूत पहचान की नींव 20 जुलाई 1908 को उस समय पड़ी, जब बड़ौदा रियासत के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने इसे स्थापित किया। गुजरात के वडोदरा मुख्यालय से शुरू हुआ यह बैंक प्रारंभिक वर्षों में देश के भीतर ही अपनी जड़ें मजबूत करता रहा, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इसने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में कदम बढ़ाए। अफ्रीका, यूरोप और एशिया के कई देशों में शाखाएं खोलते हुए बैंक ने भारतीय प्रवासी समुदाय और वैश्विक व्यापारिक जरूरतों को पूरा करने का कार्य किया, जिससे इसकी पहचान एक “इंडियाज इंटरनेशनल बैंक” के रूप में बनने लगी।

1969 में भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीयकरण के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा को एक लाभकारी सार्वजनिक उपक्रम का दर्जा मिला, जिसने इसके विस्तार और विश्वसनीयता को नई गति दी। इसके बाद बैंक ने कई छोटे-बड़े बैंकों का अधिग्रहण और विलय किया, जिससे इसकी शाखा नेटवर्क और ग्राहक आधार तेजी से बढ़ा। 1996 में पूंजी बाजार में आईपीओ के जरिए प्रवेश करते हुए बैंक ने वित्तीय पारदर्शिता और निवेशकों के भरोसे को और मजबूत किया, हालांकि आज भी भारत सरकार इसकी सबसे बड़ी हिस्सेदार बनी हुई है।

समय के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा ने तकनीकी और सेवा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की। 2000 के दशक में कोर बैंकिंग समाधान, वैश्विक डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं को अपनाते हुए इसने आधुनिक बैंकिंग की दिशा में खुद को ढाला। 2019 में देना बैंक और विजया बैंक के साथ ऐतिहासिक त्रिपक्षीय विलय के बाद यह देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बनकर उभरा। इस एकीकरण के बाद बैंक के पास 9,500 से अधिक शाखाएं, 13,000 से ज्यादा एटीएम, लगभग 85,000 कर्मचारी और 12 करोड़ से अधिक ग्राहक जुड़े, जो इसकी व्यापक पहुंच और क्षमता को दर्शाते हैं।

आज बैंक ऑफ बड़ौदा न केवल भारत में बल्कि 24 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति के साथ एक वैश्विक बैंकिंग नेटवर्क संचालित कर रहा है। न्यूयॉर्क, लंदन, दुबई और सिंगापुर जैसे प्रमुख वित्तीय केंद्रों में इसकी सक्रियता इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार बनाती है। इसके साथ ही, निवेश बैंकिंग, बीमा, एसेट मैनेजमेंट और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के जरिए यह अपने ग्राहकों को व्यापक वित्तीय समाधान उपलब्ध कराता है।

एक सदी से अधिक की यात्रा में बैंक ऑफ बड़ौदा ने बदलते आर्थिक परिदृश्यों, तकनीकी चुनौतियों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच खुद को लगातार मजबूत किया है। इसकी पहचान सिर्फ एक बैंक के रूप में नहीं, बल्कि भरोसे, स्थिरता और विकास के प्रतीक के रूप में बनी है, जिसने भारत की बैंकिंग व्यवस्था को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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Pratahkal Bureau

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