वैश्विक वित्तीय बाजार में अपनी पैठ मजबूत करने और अप्रवासी भारतीयों (NRI) को निवेश का एक शानदार अवसर देने के लिए बंधन बैंक ने अपनी विदेशी मुद्रा अनिवासी यानी एफसीएनआर (बी) जमा योजनाओं पर ब्याज दरों को बढ़ाने का एक बड़ा फैसला किया है। मुंबई से जून 2026 में आई यह रिपोर्ट उन एनआरआई ग्राहकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो मध्यम से दीर्घकालिक अवधि के लिए अमेरिकी डॉलर से जुड़ी योजनाओं में सुरक्षित और अधिक रिटर्न की तलाश कर रहे हैं। बैंक द्वारा दरों में की गई यह वृद्धि न केवल निवेशकों को बेहतर मूल्य प्रदान करेगी, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच उनके निवेश को एक मजबूत सुरक्षा कवच भी देगी।

इस नई वित्तीय रणनीति के तहत बंधन बैंक ने अलग-अलग निवेश सीमाओं के लिए आकर्षक ब्याज दरों की घोषणा की है। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 3 से 5 वर्ष की अवधि के लिए 1 मिलियन डॉलर और उससे अधिक की भारी-भरकम एफसीएनआर (बी) जमा पर अब 7.1 प्रतिशत की ऊंची ब्याज दर का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, छोटे और मध्यम निवेशकों का ध्यान रखते हुए 1 मिलियन डॉलर तक की जमा राशि पर भी ब्याज दर को बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। बैंक का यह कदम सीधे तौर पर एनआरआई ग्राहकों को लंबी अवधि के लिए एक स्थिर, सुरक्षित और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी रिटर्न सुनिश्चित करने में मदद करेगा, जो वर्तमान बाजार स्थितियों में बेहद फायदेमंद माना जा रहा है।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक की यह अनूठी पहल विशेष रूप से भारतीय रुपए के अवमूल्यन की स्थिति में संभावित विनिमय दर के उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिमों को कम करने में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। इस विशेष पेशकश की महत्ता को रेखांकित करते हुए बंधन बैंक के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य व्यवसाय अधिकारी राजिंदर कुमार बब्बर ने कहा कि बैंक को अपने एनआरआई ग्राहकों के लिए यह आकर्षक एफसीएनआर (बी) जमा योजना पेश करते हुए बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि यह योजना ऐसे समय में आई है जब वैश्विक निवेशक अपने विदेशी निवेशों में स्थिरता और बेहतर मूल्य की तलाश कर रहे हैं। यह पहल उन्हें लंबी अवधि के लिए प्रतिस्पर्धी रिटर्न सुनिश्चित करने के साथ-साथ मुद्रा संबंधी जोखिमों को प्रभावी ढंग से कम करने का बड़ा अवसर देती है, जो वैश्विक ग्राहक आधार की बदलती वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में बैंक की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस बड़े फैसले के पीछे के नियामकीय और रणनीतिक पहलुओं को देखें तो बंधन बैंक की यह पेशकश भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों के लिए नई एफसीएनआर (बी) जमाओं पर अमेरिकी डॉलर-रुपए (USD-INR) फॉरेक्स स्वैप सुविधा शुरू किए जाने के बाद सामने आई है। केंद्रीय बैंक की यह विशेष सुविधा न्यूनतम तीन वर्ष और अधिकतम पाँच वर्ष की अवधि वाली नई एफसीएनआर (बी) जमाओं पर पूरी तरह लागू होगी। इस महत्वपूर्ण नियामकीय कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय बैंकिंग प्रणाली में विदेशी मुद्रा के प्रवाह को तेजी से बढ़ावा देना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती प्रदान करना है।

देशभर में फैले लगभग 2,000 शाखाओं के विशाल और सुदृढ़ नेटवर्क के साथ बंधन बैंक ने इस विशेष ऑफर को एनआरआई ग्राहकों के लिए एक सीमित अवधि के लिए उपलब्ध कराया है। बैंक प्रबंधन ने वैश्विक स्तर पर रह रहे सभी एनआरआई ग्राहकों को अपनी किसी भी नजदीकी शाखा में आकर गैर-निवासी खाता खोलने और वर्तमान में चल रही इन अनुकूल व उच्च जमा दरों का त्वरित लाभ उठाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। बैंक का यह कदम आने वाले समय में एनआरआई बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

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Pratahkal Bureau

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