एम्वे का आयुर्वेद पर बड़ा दांव, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के 9 नए उत्पाद लॉन्च; 100 करोड़ का लक्ष्य
एम्वे इंडिया ने न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के 9 नए उत्पाद लॉन्च किए हैं और दो साल में 100 करोड़ रुपये कारोबार का लक्ष्य रखा है।

तस्वीर में दिख रही न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद की तीन अलग-अलग आयुर्वेदिक सप्लीमेंट बोतलें।
हेल्थ और वेलनेस कंपनी एम्वे इंडिया ने आयुर्वेद के क्षेत्र में विस्तार करते हुए न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के तहत नौ नए उत्पाद बाजार में उतारने की घोषणा की है। कंपनी ने अगले दो साल में इस श्रेणी से 100 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखा है। यह पहल भारत की राष्ट्र-निर्माण प्राथमिकताओं और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जुड़ते हुए ऐसे समय में सामने आई है, जब उपभोक्ताओं में पेड़-पौधों पर आधारित उत्पादों, बीमारी से पहले बचाव और आयुष को लेकर रुचि बढ़ रही है तथा सरकार आयुष को लगातार मजबूत कर रही है।
एम्वे इंडिया के अनुसार, न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियां ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से जिम्मेदारी के साथ ली जाती हैं। इनसे तैयार उत्पाद तमिलनाडु स्थित एम्वे की अत्याधुनिक फैक्ट्री में बनाए जाते हैं। कंपनी का कहना है कि यह केवल उत्पाद श्रृंखला के विस्तार की पहल नहीं है, बल्कि भारत में आयुर्वेद से जुड़ी पूरी आर्थिक श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में कदम है। इसमें जड़ी-बूटियों की जिम्मेदार खरीद, स्थानीय खेती, मैन्युफैक्चरिंग, वैज्ञानिक शोध, इनोवेशन और रोजगार शामिल हैं।
न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक के बॉटनिकल साइंस अनुभव और भारत में एक दशक की विनिर्माण क्षमता के साथ एम्वे इंडिया आयुर्वेद के सदियों पुराने ज्ञान को आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर परखने पर जोर दे रही है। कंपनी के अनुसार, यह वेलनेस सोच भारत में और भारत के लिए तैयार की गई है तथा इसमें देश की पारंपरिक वेलनेस परंपरा को दुनिया तक ले जाने की क्षमता है।
एम्वे इंडिया के प्रबंध निदेशक श्री रजनीश चोपड़ा ने कहा, "भारत में पारंपरिक स्वास्थ्य और वेलनेस का पूरा परिदृश्य बदल रहा है। सरकार का जोर आयुष को मजबूत करने और आयुर्वेद को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने पर है। इससे देश के भीतर आयुर्वेद को मजबूत आधार मिला है और दुनिया में इसकी पहचान भी बढ़ी है। जैसे-जैसे भारत आयुर्वेद से जुड़े इनोवेशन और विनिर्माण में अपनी क्षमता बढ़ाएगा, यह बढ़ता इकोसिस्टम नए आर्थिक अवसर पैदा कर सकता है, भारत की क्षमताओं को मजबूत कर सकता है और पारंपरिक वेलनेस के वैश्विक केंद्र के रूप में देश को उभरने में मदद कर सकता है। यह दिशा एम्वे इंडिया के विकास के अगले चरण और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य, दोनों से मेल खाती है। आयुर्वेद की अपार क्षमता पर भरोसा जताते हुए हमने अगले दो साल में न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद को 100 करोड़ रुपये का कारोबार बनाने का लक्ष्य रखा है। पोषण की गहरी विशेषज्ञता, न्यूट्रिलाइट के 90 साल से अधिक के बॉटनिकल साइंस और वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ एम्वे इंडिया आयुर्वेद के लिए भारत के रणनीतिक रोडमैप में योगदान देने की खास स्थिति में है।"
उन्होंने आगे कहा, "आयुर्वेद अब लोगों की रोजमर्रा की सेहत का हिस्सा बन रहा है। लेकिन उपभोक्ता उसमें भी वही पारदर्शिता, वही एकसमान गुणवत्ता और वही वैज्ञानिक प्रमाण चाहते हैं, जिसकी उम्मीद वे आधुनिक वेलनेस उत्पादों से करते हैं। न्यूट्रिलाइट में हमारा मानना है कि भरोसा ही हर पेशकश की बुनियाद है। न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के लिए ‘हर जड़ी-बूटी की अपनी कहानी है और हम उसकी सच्चाई सुनिश्चित करते हैं’, यह सिर्फ एक वादा नहीं है। यह उपभोक्ता तक पहुंचने वाली हर जड़ी-बूटी की गुणवत्ता और ट्रेसेबिलिटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है, ताकि लोग पूरे भरोसे के साथ आयुर्वेद अपना सकें।"
न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद के पहले चरण में तीन आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन बाजार में उतारे जा रहे हैं। कालमेघ लिवर के बेहतर कामकाज में मदद करता है। शिग्रु यानी मोरिंगा शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने और सूजन को कम करने में मदद करता है। वृक्षाम्ल यानी गार्सिनिया मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने और पेट भरे रहने का अहसास बनाए रखने में मदद करता है।
कंपनी के मुताबिक, उपभोक्ताओं का रुझान इलाज की तुलना में बचाव की ओर बढ़ रहा है। वे यह भी जानना चाहते हैं कि उत्पाद में इस्तेमाल हुई सामग्री कहां से आई, कितनी असरदार है और कितनी प्रामाणिक है। न्यूट्रिलाइट इसी पूरी श्रृंखला के केंद्र में है और पिछले 90 साल से अधिक समय से प्रकृति तथा विज्ञान के मेल पर काम कर रहा है। न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद में इस विरासत को आयुर्वेद के परखे हुए ज्ञान के साथ जोड़ा गया है, जिससे इस श्रेणी में भरोसे, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से जुड़ी कमी को दूर करने पर जोर दिया गया है।
न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद की पूरी श्रृंखला ऑर्गेनिक खेती करने वाले न्यूट्रीसर्ट प्रमाणित खेतों से जिम्मेदारी के साथ ली गई प्रामाणिक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों पर आधारित है। यह टिकाऊ खेती और जिम्मेदार सोर्सिंग के प्रति न्यूट्रिलाइट की लंबी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रत्येक फॉर्मूलेशन न्यूट्रिलाइट की आरएंडडी विशेषज्ञता और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित है तथा कड़ी गुणवत्ता प्रक्रियाओं से गुजरता है।
गुणवत्ता प्रक्रिया में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, एक्टिव इंग्रेडिएंट टेस्टिंग और सीड-टू-सप्लीमेंट ट्रेसेबिलिटी शामिल हैं। इनके जरिए प्रामाणिकता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है। इसके अलावा दूषित तत्वों, भारी धातुओं, माइक्रोबायोलॉजिकल सुरक्षा और प्रमुख मार्कर कंपाउंड्स की एकरूपता की जांच कई चरणों में की जाती है। कंपनी के अनुसार, ये जांच बुनियादी नियामक जरूरतों से आगे जाकर वह गुणवत्ता, प्रामाणिकता और एकरूपता प्रदान करती हैं, जिसकी उपभोक्ता न्यूट्रिलाइट से उम्मीद करते हैं।
इस श्रृंखला में आयुष पंजीकृत फॉर्मूलेशन भी शामिल हैं। इससे लागू नियामक ढांचे के मुताबिक उत्पाद तैयार करने की एम्वे इंडिया की प्रतिबद्धता मजबूत होती है और उपभोक्ताओं को अपनी पसंद की गुणवत्ता तथा प्रामाणिकता पर अधिक भरोसा मिलता है।
यह लॉन्च इसी श्रेणी में कंपनी की ओर से पहले पेश किए गए न्यूट्रिलाइट च्यवनप्राश के अनुभव को आगे बढ़ाता है। न्यूट्रिलाइट आयुर्वेद की नींव इस सोच पर रखी गई है कि सदियों पुराने आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन को उसी सटीक और विज्ञान आधारित तरीके से परखा जाए, जो दशकों से न्यूट्रिलाइट की पहचान रहा है।
कालमेघ 449 रुपये, शिग्रु 651 रुपये और वृक्षाम्ल 449 रुपये के एमआरपी पर 8 सितंबर 2026 से एम्वे के सभी अधिकृत चैनलों, एम्वे बिजनेस ओनर्स/डिस्ट्रीब्यूटर्स, एम्वे स्टोर्स और www.amway.in पर उपलब्ध होंगे। नौ नए उत्पादों के विस्तार और अगले दो साल में 100 करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य के साथ एम्वे इंडिया ने आयुर्वेद, स्थानीय सोर्सिंग, वैज्ञानिक गुणवत्ता और भारत में विनिर्माण को अपनी इस नई पहल के केंद्र में रखा है।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
