Air India international flights cancellation May 2026 : हवाई सफर करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। टाटा समूह के स्वामित्व वाली दिग्गज विमानन कंपनी एअर इंडिया ने बुधवार, 13 मई 2026 को वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में बड़े बदलावों और उड़ानों में भारी कटौती की घोषणा कर दी है। एयरलाइन का यह निर्णय जून महीने से प्रभावी होगा और अगस्त के अंत तक जारी रहेगा, जिससे दुनिया के 29 प्रमुख हवाई मार्ग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल यात्रियों की यात्रा योजनाओं को बाधित करेगा, बल्कि वैश्विक विमानन बाजार में एअर इंडिया की परिचालन रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत भी है।

विमानों के संचालन में इस अभूतपूर्व कटौती के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण जिम्मेदार बताए जा रहे हैं। पहला, पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक संघर्ष, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों का हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) लगातार बंद पड़ा है। दूसरा कारण जेट फ्यूल यानी विमान ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर तक हुई बढ़ोतरी है, जिसने लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को व्यावसायिक रूप से घाटे का सौदा बना दिया है। एयरलाइन प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में नेटवर्क को स्थिर बनाए रखना और अंतिम क्षणों में होने वाली फ्लाइट कैंसिलेशन से यात्रियों को बचाना ही उनकी प्राथमिकता है, इसलिए ये अस्थायी बदलाव अनिवार्य हो गए थे।

इस कटौती के तहत अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए उड़ानों की संख्या आधी तक कर दी गई है। उत्तरी अमेरिका में दिल्ली-शिकागो, दिल्ली-नेवार्क और मुंबई-न्यूयॉर्क जैसी महत्वपूर्ण सीधी उड़ानें अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दी गई हैं, जबकि सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो और वैंकूवर के लिए उड़ानों के फेरे घटा दिए गए हैं। यूरोप की बात करें तो पेरिस, कोपेनहेगन, मिलान, वियना, ज्यूरिख और रोम जैसे शहरों के लिए दिल्ली से जाने वाली फ्लाइट्स में भी बड़ी कटौती की गई है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न और सिडनी मार्गों पर साप्ताहिक उड़ानें सात से घटाकर महज चार कर दी गई हैं।

एशियाई मार्गों पर भी इस निर्णय की गहरी मार पड़ी है। दिल्ली-शंघाई और चेन्नई-सिंगापुर जैसी उड़ानें अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेंगी। सिंगापुर, बैंकॉक और कुआलालंपुर जैसे व्यस्ततम रूटों पर भी उड़ानों की संख्या में 30 से 50 प्रतिशत तक की कमी आई है। पड़ोसी देशों के साथ कनेक्टिविटी भी इससे अछूती नहीं रही है; काठमांडू, ढाका, कोलंबो और माले के लिए उड़ानें या तो बंद कर दी गई हैं या उनके फेरे काफी कम कर दिए गए हैं। हालांकि, इन चुनौतियों के बीच एअर इंडिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह हर महीने 1200 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन जारी रखेगी ताकि पांच महाद्वीपों तक उसकी पहुंच बनी रहे।

प्रभावित होने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइन ने विशेष राहत उपायों की घोषणा की है। जिन यात्रियों की बुकिंग इन बदलावों के कारण प्रभावित होगी, उन्हें वैकल्पिक उड़ानों में जगह दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्रा की तारीख बदलने या पूरा पैसा वापस (फुल रिफंड) लेने का विकल्प दिया जाएगा। एयरलाइन ने अपने 24x7 कॉन्टैक्ट सेंटर और डिजिटल सेवाओं को भी हाई-अलर्ट पर रखा है ताकि यात्रियों को त्वरित सहायता मिल सके। एअर इंडिया का यह कदम वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में एक सतर्क और सुरक्षित परिचालन रणनीति की ओर इशारा करता है, जो आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात की तस्वीर बदल सकता है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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