नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय सर्राफा बाजार में आज, 19 फरवरी 2026, को चांदी की कीमतों में एक बार फिर सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में आई तेजी के कारण चांदी के दाम आज बढ़त के साथ खुले हैं।

निवेशकों की नजरें अब चांदी के अगले बड़े स्तर पर टिकी हैं, क्योंकि यह कीमती धातु न केवल आभूषणों के लिए बल्कि आधुनिक तकनीक और उद्योगों के लिए भी अनिवार्य बनी हुई है।

बाजार का हाल: फ्यूचर्स और हाजिर भाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सिल्वर फ्यूचर्स में हल्की तेजी देखी गई।

• शुरुआती बढ़त: चांदी का वायदा भाव आज ₹2,47,840 प्रति किलोग्राम के स्तर पर खुला, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में लगभग 0.12% अधिक है।

• हाजिर बाजार: भारत के खुदरा बाजारों में चांदी का भाव गुणवत्ता और स्थानीय टैक्स के आधार पर ₹2.42 लाख से ₹2.76 लाख प्रति किलोग्राम के बीच दर्ज किया गया है।

प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें (19 फरवरी 2026)

भारत के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतों में थोड़ा अंतर देखा गया है, जो मुख्य रूप से स्थानीय मांग और परिवहन लागत पर निर्भर करता है:


शहर

चांदी का भाव (प्रति किग्रा)

चेन्नई

₹2,76,200

हैदराबाद

₹2,75,800

दिल्ली

₹2,47,400

मुंबई

₹2,47,500

बेंगलुरु

₹2,52,300

कोलकाता

₹2,47,100

नोट: ये कीमतें बाजार के शुरुआती रुझानों पर आधारित हैं। अंतिम कीमतों में मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी अलग से जोड़ा जाएगा।

कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे के कारण

आज चांदी के दाम में आई इस हल्की तेजी और लगातार बने उतार-चढ़ाव के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:

1. औद्योगिक मांग (Industrial Demand): साल 2026 में सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में चांदी की खपत अपने रिकॉर्ड स्तर पर है। उद्योगों से आने वाली इस भारी मांग ने चांदी की कीमतों को एक मजबूत सुरक्षा स्तर (Support Level) प्रदान किया है।

2. डॉलर की चाल और वैश्विक संकेत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स में हो रही मामूली गिरावट ने चांदी को विदेशी निवेशकों के लिए सस्ता बना दिया है, जिससे वैश्विक मांग बढ़ी है।

3. सुरक्षित निवेश: वैश्विक शेयर बाजारों में जारी अस्थिरता के बीच, छोटे और मंझोले निवेशक चांदी को सोने के एक किफायती विकल्प (Safe Haven) के रूप में देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का क्या है कहना?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी के शेष दिनों में चांदी सीमित दायरे (Range-bound) में कारोबार कर सकती है।

• बुलिश ट्रेंड: यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी $60 प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करती है, तो भारतीय बाजार में यह ₹3 लाख के स्तर की ओर बढ़ सकती है।

• सावधानी: हालांकि, डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयानों से बाजार में अचानक गिरावट की संभावना भी बनी रहती है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।


आम खरीदारों के लिए सलाह

अगर आप चांदी के सिक्के या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा स्तरों को विशेषज्ञों ने खरीदारी के लिए 'संतुलित' बताया है। शादियों के सीजन के कारण आने वाले हफ्तों में मांग और बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में और उछाल आने की संभावना है।

19 फरवरी 2026 को चांदी ने अपनी चमक बरकरार रखी है। भले ही तेजी मामूली हो, लेकिन ₹2.47 लाख के ऊपर का स्तर यह संकेत देता है कि चांदी अब मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए एक आकर्षक संपत्ति बनी हुई है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं; बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिमों को देखते हुए निवेश का निर्णय अपने सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें।

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