हाजीपुर रेलवे स्टेशन से तीन वर्षीय बच्चे के अपहरण का खुलासा, छह गिरफ्तार; बच्चे की सकुशल बरामदगी, डॉक्टर मुख्य आरोपी फरार
हाजीपुर रेलवे स्टेशन से तीन वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया। सीसीटीवी, तकनीकी जांच और संयुक्त छापेमारी के आधार पर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद किया गया। 3.5 लाख रुपये के सौदे में शामिल मुख्य आरोपी डॉक्टर फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

हाजीपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर सो रहे एक खानाबदोश परिवार की आंख खुलते ही उनका तीन वर्षीय बेटा रहस्यमय तरीके से गायब मिला। दिनांक 4 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 5:50 बजे सामने आई इस घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। वादी सुमित कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर रेल थाना हाजीपुर में कांड संख्या 158/2025 दर्ज किया गया और बच्चे की बरामदगी के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया।
जांच की शुरुआत सीसीटीवी फुटेज से हुई, जिसमें प्रथम दृष्टया एक पुरुष और एक महिला की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। लगातार प्रयासों के बावजूद उनकी पहचान भौतिक रूप से स्थापित नहीं हो सकी, जिसके बाद डीआईयू टीम और अनुसंधान दल ने तकनीकी जांच शुरू की। डंप डेटा के विश्लेषण ने मामले को नई दिशा दी और संदिग्ध मोबाइल नंबरों के माध्यम से अर्जुन कुमार और किरण देवी की पहचान की पुष्टि हुई। दोनों को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ की गई, जिसके बाद खुलासा हुआ कि यह अपहरण एक संगठित मानव तस्करी और अवैध ‘बच्चा बिक्री’ रैकेट से जुड़ा हुआ है।
आरोपियों की निशानदेही पर सोनू कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिसने जांच में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उसके बयान से पता चला कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे शाहपुर पटोरी के डॉ. अविनाश कुमार और उनकी सहयोगी मुन्नी कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। कथित तौर पर बच्चे को 3.5 लाख रुपये में बेचने का सौदा तय किया गया था, जिसमें सोनू और अर्जुन को मोटी रकम दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने पटोरी के चकसाहो गांव में छापेमारी कर अनील कुमार साह, उनकी पत्नी गुड़िया देवी और मुन्नी कुमारी से अपहृत बच्चा मोहम्मद फहीम उर्फ राजाबाबू को सकुशल बरामद कर लिया।
पूरे नेटवर्क के खुलासे के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी डॉ. अविनाश कुमार अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। रेल थाना हाजीपुर, डीआईयू और अपराध शाखा सोनपुर की संयुक्त कार्रवाई ने कुछ ही दिनों में इस संगठित अपराध का पर्दाफाश कर दिया, जो गरीब और खानाबदोश समुदायों के बच्चों को निशाना बनाकर उन्हें अवैध रूप से बेचने का प्रयास कर रहा था।
यह सफल कार्रवाई न केवल एक मासूम की जिंदगी बचाने वाली साबित हुई, बल्कि उन संगठित अपराध syndicates पर भी करारा प्रहार है जो समाज के सबसे कमजोर वर्गों को अपनी शिकार बनाते हैं। पुलिस अब इस रैकेट के विस्तृत नेटवर्क की जांच में जुटी है, ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
- हाजीपुर रेलवे स्टेशन बच्चे का अपहरण मामला 2025Hajipur Railway Station child kidnapping SIT investigationवैशाली में बच्चे की बिक्री का सौदा 3.5 लाख रुपयेBihar child trafficking racket exposed Hajipurहाजीपुर रेल थाना कांड 158/2025 अपहृत बच्चा बरामदCCTV से खुला हाजीपुर बच्चा चोरी मामलापटोरी समस्तीपुर डॉक्टर अविनाश फरार अपहरण केसChandur Bazaar child sale network BiharVidupur Vaishali child kidnapping accused arrestedchaksaho Patori child trafficking buyers arrestedOSINT technical analysis Bihar kidnapping caseHajipur DIU investigation child rescueखानाबदोश परिवार का बच्चा गायब हुआ हाजीपुर स्टेशनBihar organised child trafficking busted 2025

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
