पूर्वी चम्पारण (बिहार) के चकिया‑केसरिया मार्ग के किनारे बसी कैथवलिया/बहुआरा (जनकीनगर) नामक भूमि पर हिंदू धर्म की महाकाय आस्था को आकार देने वाली परियोजना विराट रामायण मंदिर तेजी से रूप ले रही है। इस मंदिर परिसर को देश का और संभवतः विश्व का सबसे बड़ा रामायण-थीम वाला धार्मिक स्थल बनाने की योजना है।


मंदिर की कुल लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। इसका मुख्य शिखर 270 फीट ऊँचा होगा, जबकि परिसर में कुल 22 गर्भगृह (sanctums), कई उपमंदिर और 12–18 शिखर (spires) होंगे। कुल स्तंभों की संख्या 2,101 बताई गई है जिनमें से 853 भूमिगत, 572 प्रथम तल, 540 द्वितल और शिखर स्तंभ शामिल हैं। निर्माणाधीन मंदिर परिसर का अनुमानित लागत लगभग ₹500 करोड़ है।


यह मंदिर सिर्फ आकार में विशाल नहीं होगा, इसकी वास्तुकला की नींव भी प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिरों से प्रेरित है। इसके डिजाइन में अंगकोर वाट (कंबोडिया), रामनाथस्वामी मंदिर (तमिलनाडु), और मिनाक्षी टेम्पल (मदुरै) जैसी स्थापत्य कलाओं का मिश्रण देखने को मिलेगा। मंदिर की दीवारों और द्वारों पर पौराणिक कथा रामायण के दृश्यों को शिल्पात्मक शिलालेखों के रूप में उकेरा जाएगा, जिससे यह धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से समृद्ध स्थान बनेगा। मंदिर परिसर में 18‑22 गर्भगृह होंगे, जहां विभिन्न देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित होंगी मुख्य रूप से भगवान राम, सीता, लव‑कुश, शिव, पार्वती और गणेश।


इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण होगा 33 फीट ऊँचा, 210 मीट्रिक टन वजनी ग्रेनाइट शिवलिंग। इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में लगभग दस साल की कठोर मेहनत और पारंपरिक शिल्पकला के माध्यम से तराशा गया है। कभी 225 फीट ऊँचा निर्धारित शिखर अब पर्यावरण स्वीकृति मिलने के पश्चात 270 फीट रखने का फैसला हुआ है।मंदिर परिसर की कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 4.47 लाख वर्ग फीट होगी, जिसमें मंदिर का हिस्सा 3.82 लाख वर्ग फीट और शेष सेवा क्षेत्रों के लिए होगा।


पहले इस मंदिर का नींव-कार्य इतना व्यापक था कि 3,246 पाइलिंग किए गए, और अब स्तंभों का निर्माण जारी है। स्वयं निर्माण कार्य 20 जून 2025 से ज़मीनी स्तर पर सक्रिय रूप से शुरू हुआ है। सितंबर 2025 तक विभिन्न श्रमिक तीन शिफ्टों में काम कर रहे हैं, और मंदिर परिसर में अन्य संरचनाएँ प्रवेश द्वार, गणेश स्थल, सिंह द्वार आदि निर्माणाधीन हैं।


मंदिर की ऊँचाई बढ़ाने की योजना को लेकर पर्यावरण क्लीयरेंस के लिए State Level Expert Appraisal Committee (SEAC) और SEIAA की मंजूरी ली गई है। इस मंजूरी के पश्चात ही मंदिर शिखर की ऊँचाई 270 फीट निर्धारित की गई। निर्माण सामग्री, वित्तीय व्यय और अवसंरचना विकास की सम्पूर्ण जिम्मेदारी Mahavir Mandir Trust, पटना ने ली है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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