Tejashwi Yadav Result 2025 : बिहार की राजनीति के दिल में बसा राघोपुर विधानसभा क्षेत्र, जहां यादव परिवार का परचम लहराता रहा है, आज एक बार फिर सांसें थाम लेने वाली जंग का गवाह बन रहा है। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, जो इस सीट को अपना 'किला' मानते हैं, 25वें राउंड की गिनती तक 1,03,387 वोटों के साथ 13,903 वोटों की मजबूत बढ़त पर पहुंच गए हैं। उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी, भाजपा के सतीश कुमार – जिन्होंने कभी राबड़ी देवी को हराकर यादव राजवंश को चुनौती दी थी – 89,484 वोटों पर ठहर गए हैं। यह 'उतार-चढ़ाव भरी' लड़ाई, जो सुबह से ही तेजस्वी को पीछे धकेल रही थी, अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पक्ष में झुकती नजर आ रही है।


चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राघोपुर – वैशाली जिले का यह तिरहुत मंडल का हिस्सा – 6 नवंबर को पहले चरण में 68.54 प्रतिशत मतदान के साथ सजा था। गिनती की शुरुआत में भाजपा के सतीश कुमार ने जबरदस्त धाक जमाई, 15वें राउंड तक 8,461 वोटों की बढ़त बना ली। तेजस्वी, जो 2015 और 2020 में क्रमशः 91,236 और 97,404 वोटों से यहां राज कर चुके हैं, अचानक पीछे सरक गए। लेकिन जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़े, राजद का 'साइलेंट वोटर' जागा। 21वें राउंड में 5,000 वोटों की बढ़त, 23वें में 11,481 वोटों का फासला, और अब 25वें में 13,903 वोटों का अंतर – यह सफर किसी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं।


सतीश कुमार का यह राउंड में उतार-चढ़ाव भरा सफर भी कम नाटकीय नहीं। 2010 में जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर उन्होंने राबड़ी देवी को 13,006 वोटों से हराकर राघोपुर में यादव परिवार की हार का पहला झटका दिया था। बाद में भाजपा में शामिल होकर वे फिर लौटे, लेकिन 2015 और 2020 में तेजस्वी ने उन्हें क्रमशः 22,733 और 38,174 वोटों के अंतर से धूल चटा दी। इस बार भी सतीश ने शुरुआती राउंडों में 12,000 तक की बढ़त बनाई, लेकिन राजद की जमीनी ताकत ने मोर्चा पलट दिया।


अन्य उम्मीदवारों की बात करें तो निर्दलीय बलिराम सिंह तीसरे नंबर पर हैं, जिन्हें अब तक 2,600 से अधिक वोट मिल चुके हैं – तेजस्वी-सतीश की दौड़ से कोसों दूर। जन सुराज पार्टी के चंचल कुमार चौथे स्थान पर 2,217 वोटों के साथ ठहर गए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के राजू कुमार को 1,115 वोट ही हासिल हो सके। कुल 30 राउंडों में से 25 पूरे होने के बावजूद बाकी पांच राउंडों में कोई उलटफेर संभव है, लेकिन वर्तमान रुझान तेजस्वी की हैट्रिक की ओर इशारा कर रहे हैं।


चुनाव आयोग के नियमों के तहत, गिनती दोपहर दो बजे तक पूरी होनी है, और अंतिम परिणाम शाम तक घोषित हो जाएंगे। राघोपुर, जहां लालू प्रसाद यादव ने दो बार और राबड़ी देवी ने तीन बार जीत दर्ज की, हमेशा से राजद का अभेद्य किला रहा है। तेजस्वी, जो दो बार बिहार के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, इस सीट को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मजबूत स्थिति चाहते हैं।


यह राघोपुर की जंग बिहार की सियासत का आईना बन गई है – जहां पुरानी दुश्मनी, पारिवारिक विरासत और वर्तमान महत्वाकांक्षा का मेल हो रहा है। अगर तेजस्वी बरकरार रहे, तो यह न सिर्फ राजद के लिए नैतिक जीत होगी, बल्कि महागठबंधन को नई ऊर्जा देगी। वहीं, सतीश की हार NDA के लिए एक झटका साबित हो सकती है, जो पूरे राज्य में बहुमत की ओर अग्रसर है। बिहार की धरती पर यह लड़ाई तय करेगी कि यादव राजवंश का किला अटल रहेगा या नई हवाएं इसे हिला देंगी।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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