Shreyasi Singh : बिहार की राजनीति में नए दौर की शुरुआत के साथ एक नाम सबसे अधिक सुर्खियाँ बटोर रहा है—श्रेसी सिंह। नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नई एनडीए सरकार का गठन किया, और इसी समारोह में 26 मंत्रियों के साथ शपथ लेने वाली युवा चेहरे श्रेसी सिंह अचानक सत्ता के केंद्र में आ गईं। खेल के मैदान में सुनहरा इतिहास रचने वाली यह निशानेबाज़ अब बिहार की राजनीति में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है।

श्रेसी सिंह को बिहार की ‘गोल्डन गर्ल’ कहा जाता है, और इसके पीछे वजह भी उतनी ही दमदार है। अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाजी में भारत के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य जैसे अहम पदक जीत चुकी श्रेसी ने राष्ट्रमंडल खेलों में देश को गौरवान्वित किया है। लेकिन उनकी पहचान केवल खेल तक सीमित नहीं रही। प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से आने वाली श्रेसी आज बिहार की युवा और सक्रिय नेतृत्व वाली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं।

नई एनडीए कैबिनेट में उन्हें मंत्री के रूप में शामिल किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में नई ऊर्जा और नई उम्मीदों का संचार हुआ है। शूटिंग रेंज से राजनीतिक मंच तक पहुँची श्रेसी अपनी शिक्षा और अनुभव के दम पर अब नए दायित्वों को संभालने की तैयारी में जुटी हैं। वह अपने दादा कुमार सुरेंद्र सिंह और पिता, स्वर्गीय दिग्विजय सिंह—दोनों दिग्गज राजनीतिक हस्तियों—की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।

29 अगस्त 1991 को जन्मी श्रेसी सिंह बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर से ताल्लुक रखती हैं। शपथ ग्रहण के बाद राज्यभर में उनके जीवन से जुड़े सवालों में अचानक वृद्धि हुई, जिनमें उनकी जाति से लेकर उम्र तक को लेकर चर्चाएँ तेज रहीं। 34 वर्षीय श्रेसी सिंह ठाकुर समुदाय से आती हैं। उनकी मां पुतुल कुमारी पूर्व सांसद रह चुकी हैं, जबकि उनके दादा नेशनल राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष चुके थे। स्पष्ट है कि राजनीतिक और खेल दोनों क्षेत्रों में उनका पारिवारिक जुड़ाव मजबूत रहा है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल में स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद श्रेसी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। वही हंसराज कॉलेज, जहाँ से बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान भी पढ़े हैं। अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मानव रचना इंटरनेशनल से एमबीए की डिग्री हासिल की। अपने शैक्षणिक सफर के दौरान उन्हें कई बार तेजस्वी यादव की क्लासमेट भी बताया गया है, हालांकि यह जानकारी विभिन्न रिपोर्टों पर आधारित है।

वर्ष 2020 में उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर की। उसी वर्ष उन्होंने जमुई विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार विजय प्रकाश को 41,000 से अधिक वोटों से हराकर पहली ही लड़ाई में बड़ी जीत दर्ज की। यह जीत उन्हें बिहार की उभरती हुई राजनीतिक हस्तियों की पंक्ति में मजबूती से खड़ा कर गई। हाल में नई एनडीए सरकार बनने पर उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपना उनकी बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता को और मजबूत करता है।

खेल जगत में भी उनका रिकॉर्ड कमाल का रहा है। 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारत का नाम रोशन किया। 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और इंचियोन एशियाई खेलों में टीम इवेंट में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान पक्की की। खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो उनके शानदार खेल करियर की पुष्टि करता है।

श्रेसी सिंह का राजनीतिक और खेल दोनों क्षेत्रों में चमकता सफर नए भारत की उस कहानी को दर्शाता है, जहाँ युवा नेतृत्व दृढ़ संकल्प, शिक्षा और मेहनत के साथ कई क्षेत्रों में पहचान बना रहा है। नई कैबिनेट में शामिल होना उनके कैरियर का नया अध्याय है, जो बताता है कि बिहार की राजनीति में उनका प्रभाव अब और व्यापक होने वाला है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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