New CM of Bihar announcement 2026 : बिहार की राजनीति एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है, जहाँ दो दशकों से चला आ रहा समीकरण पूरी तरह बदलने वाला है। राज्य की राजधानी पटना में इस समय हलचल अपने चरम पर है और हवाओं में सत्ता परिवर्तन की स्पष्ट गूंज सुनाई दे रही है। खबर है कि आगामी 15 अप्रैल को बिहार को अपना नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा, और यह पल इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि 21 वर्षों तक नीतीश कुमार के चेहरे के सहारे सरकार चलाने वाली भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की दहलीज पर खड़ी है। सोमवार सुबह से ही पटना की सड़कों पर मजदूरों की फौज बैरिकेडिंग और साज-सज्जा में जुट गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य में कुछ बहुत बड़ा होने जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम शामिल होना इसकी गंभीरता को और बढ़ा देता है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनने के लिए कल यानी 14 अप्रैल की शाम को ही पटना पहुंच सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पटना एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक के पूरे मार्ग को अपने घेरे में ले लिया है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जा रहे हैं। भाजपा ने इस सत्ता परिवर्तन को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो कल पटना पहुंचकर विधायकों के साथ बैठक करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।

सत्ता की इस सबसे बड़ी दौड़ में फिलहाल चार चेहरे प्रमुखता से उभरे हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को इस रेस में सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जिनकी आक्रामक राजनीति ने भाजपा को बिहार में इस स्थिति तक पहुँचाया है। वहीं, यदि पार्टी किसी महिला नेतृत्व पर दांव लगाती है, तो श्रेयशी सिंह का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। इनके अतिरिक्त संगठन के पुराने और मंझे हुए खिलाड़ी डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और जनक राम भी मुख्यमंत्री की सूची में शामिल हैं। जेडीयू की ओर से भी इस बदलाव को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं; कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने स्पष्ट किया है कि सब कुछ पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार सामान्य रूप से चल रहा है।

बिहार की सत्ता का यह नया अध्याय न केवल एनडीए गठबंधन के भविष्य को नई दिशा देगा, बल्कि भाजपा के लिए भी यह एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है। 15 अप्रैल का दिन बिहार की राजनीति के इतिहास में एक बड़े मील का पत्थर के रूप में दर्ज होगा, जब दशकों पुरानी 'नीतीश-युग' की छाया से बाहर निकलकर भाजपा अपने दम पर नेतृत्व की बागडोर संभालेगी। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में शिवराज सिंह चौहान किसके नाम की घोषणा करते हैं और कौन बनेगा बिहार की नई सियासत का नायक।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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