Nitish Kumar Shapath Grahan : पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान ने गुरुवार की सुबह एक बार फिर राजनीति के सबसे बड़े क्षण का साक्षी बनाया, जब नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर प्रदेश की सत्ता को नया मोड़ दे दिया। सुबह 11:30 बजे शुरू हुए समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर से किया गया भव्य आगमन मानो इस आयोजन को राष्ट्रीय महत्व का रूप दे गया। मंच पर केंद्रीय नेताओं का जमावड़ा, राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति और पूरे मैदान में उमड़ा करीब दो से तीन लाख लोगों का उत्साह सब मिलकर इस क्षण को ऐतिहासिक बना रहे थे।

पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री जब मंच पर पहुंचे, तब तक पटना एयरपोर्ट पर वीवीआईपी मूवमेंट इतना तेज़ हो चुका था कि पूरी राजधानी सुरक्षा के कड़े घेरे में आ गई थी। ड्रोन निगरानी, एसपीजी की तैनाती और गांधी मैदान के भीतर हर कोने पर सुरक्षा का अभेद कवच, आयोजन की भव्यता और संवेदनशीलता दोनों की पुष्टि कर रहा था।

शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत नीतीश कुमार के आगमन से हुई, जो सीएम आवास से सीधे होटल मौर्या पहुंचे, जहां उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद वे गांधी मैदान पहुंचे, जहाँ लाखों की भीड़ "नीतीश-नीतीश" के नारों के साथ उनका स्वागत कर रही थी। इसी माहौल में नीतीश कुमार ने एक बार फिर "ईश्वर की शपथ..." के शब्दों के साथ मुख्यमंत्री पद संभालते हुए राज्य में नई राजनीतिक यात्रा का आरंभ किया।

शपथ के तुरंत बाद 26 मंत्रियों को भी पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। एनडीए की नई सरकार में बिहार राजनीति के कई दिग्गज चेहरे शामिल हुए। मंच पर सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, अशोक चौधरी, बिजेंद्र यादव, मंगल पांडेय, नितिन नवीन, श्रेयसी सिंह, रामकृपाल यादव, रमा निषाद, संजय टाइगर और जमा खान जैसे नामों ने मंत्रिमंडल की विविधता और राजनीतिक शक्ति-संतुलन की झलक पेश की। एलजेपी (रामविलास) के संजय पासवान और संजय सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संतोष सुमन तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा की स्नेहलता कुशवाहा भी समारोह में महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई दिए।

उधर, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस दिन मौन उपवास रखकर राजनीतिक विमर्श में अपना अलग संदेश जोड़ा। पश्चिम चंपारण स्थित गांधी आश्रम में उनके मौन उपवास को कई कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने "आंदोलन की नई शुरुआत" बताया।

शपथ समारोह में जगह-जगह से आए आम लोगों की भीड़ ने इसे जनसंलग्नता का उदाहरण बना दिया। पटना के विभिन्न इलाकों से लेकर दूर-दराज़ जिलों से पहुंचे लोग सुबह से ही गांधी मैदान में उमड़ते गए। गेट नंबर 7, 8, 9 और 10 पर प्रवेश की लंबी कतारें इस बात की गवाही दे रही थीं कि बिहार की जनता इस पल को अपनी आंखों से देखने आई है।

राजनीतिक रूप से, नीतीश कुमार को जेडीयू विधायक दल का नेता और सम्राट चौधरी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद एनडीए में शक्ति-संतुलन स्पष्ट हो चुका था। विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए को मिली 202 सीटों की शानदार जीत ने इस सरकार की राह आसान कर दी। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि जेडीयू ने 85 सीटें जीतीं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति (रामविलास) ने भी 19 सीटों पर जीतकर NDA में प्रभावी उपस्थिति दर्ज की।

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचे और शपथ ग्रहण की औपचारिकता शुरू हुई, तो तालियों की गड़गड़ाहट और नारों की आवाज़ ने आसमान तक को गूंजा दिया। समारोह के अंत में नीतीश कुमार मंच पर खड़े होकर हाथ हिलाते रहे और जनता ने भी उत्साहपूर्वक उनका स्वागत किया। इस क्षण के साथ बिहार में नई राजनीतिक संरचना और नई विकास यात्रा की शुरुआत आधिकारिक रूप से हो चुकी थी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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