बिहार की राजनीति में एक नया दौर शुरू होने की घड़ी करीब आ गई है, जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अभूतपूर्व जीत ने राज्य को स्थिरता और विकास की नई उम्मीदों से भर दिया है। हाल ही में समाप्त हुए विधानसभा चुनावों में एनडीए ने 202 सीटें हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया, जिसके बाद पटना और नई दिल्ली में गठबंधन दलों के बीच तेज विचार-विमर्श का सिलसिला चल रहा है। यह जीत न केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की 89 सीटों वाली सबसे बड़ी पार्टी की स्थिति को मजबूत करती है, बल्कि जनता दल (यूनाइटेड) के 85 विधायकों के साथ मिलकर एक मजबूत सरकार गठन की नींव रखती है।


चुनाव परिणामों के ठीक बाद प्रक्रिया ने गति पकड़ी है। सोमवार को पटना में जनता दल (यूनाइटेड) के 85 नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जाना तय माना जा रहा है। इसी क्रम में भाजपा के 89 विधायक भी अपने नेता का चुनाव करेंगे, जिसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक में गठबंधन नेता का चयन होगा। इस पूरी प्रक्रिया के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को सरकार गठन का औपचारिक दावा पेश किया जाएगा, जो संवैधानिक रूप से नई सत्ता की शुरुआत का प्रतीक होगा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 विधायकों के साथ एनडीए का यह गठजोड़ राज्य की विविधता को प्रतिबिंबित करता है।


इससे पूर्व, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मौजूदा मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक दोपहर में आयोजित हुई, जिसमें कैबिनेट भंग करने और नई सरकार गठन के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। बैठक के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया, जो वर्तमान विधानसभा के विघटन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पहले ही राज्यपाल को नवनिर्वाचित सदस्यों की सूची सौंप दी है, जिसके आधार पर संसदीय कार्य विभाग द्वारा अधिसूचना जारी की जाएगी। वर्तमान 17वीं विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए 18वीं विधानसभा का गठन तत्काल प्रक्रिया के तहत पूरा किया जाना है।


शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी जोरों पर हैं, जो 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होने की संभावना है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान नए मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे, और यह आयोजन एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के रूप में उभरेगा। पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर 17 से 20 नवंबर तक गांधी मैदान को आम सभाओं के लिए बंद घोषित कर दिया है। चिराग पासवान ने स्पष्ट किया है कि 22 नवंबर से पहले नई सरकार सत्ता संभाल लेगी, जबकि भाजपा नेताओं ने पुष्टि की है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रहेंगे।


यह नया राजनीतिक परिदृश्य बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जहां एनडीए की प्रचंड जीत विकास, स्थिरता और समावेशी शासन की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। जैसे-जैसे मंत्रालयों का बंटवारा और नई नीतियां आकार लेंगी, राज्य की लाखों आकांक्षाओं पर यह सरकार कैसे खरी उतरेगी, यह आने वाले दिनों का इंतजार है। बिहार एक बार फिर बदलाव की लहर पर सवार हो रहा है, जो न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी नया संदेश देगा।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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