बिहार और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग भीषण अग्निकांडों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर बिहार के मुजफ्फरपुर में अस्पताल के ICU में लगी आग ने गंभीर रूप से भर्ती मरीजों की जिंदगी लील ली, वहीं दूसरी ओर दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल/गेस्टहाउस में लगी भीषण आग में कई लोगों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर शहरी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुजफ्फरपुर, बिहार के ब्रह्मपुरा क्षेत्र स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार तड़के लगभग 3:00 से 3:55 बजे के बीच ICU वार्ड में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा वार्ड जहरीले धुएं से भर गया और वेंटिलेटर पर मौजूद गंभीर मरीज बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 5 मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 20 से अधिक मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई मरीजों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।



प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या ऑक्सीजन सिस्टम में तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। हादसे के दौरान ICU अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित था, जहां अचानक धुआं भरने से अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड को सूचना मिलने के बाद दमकल और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खिड़कियां तथा दरवाजे तोड़कर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। लगभग 15 से 20 मरीजों को गंभीर स्थिति में बाहर निकाला गया और अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया।

इस हादसे में जिन मरीजों की पहचान सामने आई है, उनमें 76 वर्षीय कृष्णानंदन प्रसाद सिंह, 63 वर्षीय गीता देवी, 57 वर्षीय उदय कुमार और 30 वर्षीय साशंक शामिल हैं। घटना के बाद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन अब अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट व्यवस्था की गंभीर जांच कर रहा है।



वहीं, दूसरी ओर दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल/गेस्टहाउस “Flourish Stay B&B” में 3 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड ने भी भारी तबाही मचाई। यह आग होटल के किचन या रेस्टोरेंट क्षेत्र से शुरू हुई, जिसके बाद तेजी से पूरे भवन में फैल गई। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं, जबकि 37 से 50 से अधिक लोगों को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया।

आग की तीव्रता और घने धुएं के कारण इमारत से बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया, जिससे कई लोग अंदर ही फंस गए। प्रारंभिक आशंका के अनुसार आग लगने का कारण एलपीजी सिलेंडर लीकेज या एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट हो सकता है। घटना के बाद होटल मालिक को हिरासत में ले लिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है। यह भी सामने आया है कि संकरी एग्जिट और सुरक्षा मानकों की कमी ने इस हादसे को और अधिक भयावह बना दिया।

दोनों घटनाओं ने देश में अस्पतालों और होटलों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर ICU जैसे संवेदनशील वार्ड में सुरक्षा चूक जानलेवा साबित हुई, वहीं दूसरी ओर भीड़भाड़ वाले होटल में आपातकालीन निकासी व्यवस्था की कमी ने दर्जनों जिंदगियां छीन लीं। इन हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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